30 जून
हुल दिवस के अवसर पर सिद्धू कान्हू पार्क जाकर वीर युवकों के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। भारतीय जनतंत्र मोर्चा केंद्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने कहा संथाल हूल अंग्रेजों के जुल्म और रियासत की नीतियों के खिलाफ ही नहीं बल्कि हूल का जड़ पुलिस महाजनों द्वारा किया जाने वाला शोषण के खिलाफ था। महाजन और पुलिस मिलकर गरीब जनता का शोषण कर सब कुछ हथिया लेते थे। इस जुल्म से निपटने का आधार बना हूल । महाजनों के पास गोली और बंदूक थी तो संथाल के लोगों के पास तीर और धनुष, कुछ तो निहत्थे थे लेकिन सिद्धू कान्हू अत्याचार के खिलाफ लोगों को एकजुट कर लड़ने लगे।अपने साथियों को नारा दिया करो या मरो इनका साथ भाई चांद भैरव और बहन फूलों और झानो ने भी दिया।
तिवारी ने कहा आज के समय में भी भ्रष्टाचार के विरुद्ध हूल की आवश्यकता है जब तक है उलगुलान झारखंड में नहीं होगा, तब तक यहां के भ्रष्ट अधिकारी, पदाधिकारी, कर्मचारी और बिचोलिया जनप्रतिनिधि नेतागण नहीं सुधरेंगे। झूठ फरेब की राजनीति चलती रहेगी। अपने-अपने तरह से सरकारी तंत्र का उपयोग पक्ष विपक्ष मिलकर करता रहेगा। जनता का शोषण होता रहेगा।


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