आए हुए ग्रामीणों को जड़ी-बूटी आधारित उपचार, प्राकृतिक चिकित्सा और योग के माध्यम से निरोग रहने के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में प्राकृतिक चिकित्सा न केवल सरल है बल्कि सुरक्षित और प्रभावी भी है।
कार्यक्रम के केंद्र में ग्रामीण चिकित्सक एसोसिएशन की मजबूती, उनकी लंबित मांगों की पूर्ति, तथा संगठनात्मक एकता को बढ़ाने पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ ग्रामीण चिकित्सक हैं, जिनके बिना प्राथमिक चिकित्सा की कल्पना भी अधूरी है।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ प्रमोद जी ने सभी ग्रामीण चिकित्सकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाए रखने की अपील करते हुए कहा—
“एकजुटता ही हमारी शक्ति है… संगठित रहकर ही हम अपने अधिकार और सम्मान को सुनिश्चित कर सकते हैं।”
डॉ प्रमोद जी द्वारा अतिथियों और चिकित्सकों का सम्मान एवं स्वागत किया गया, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जात्मक वातावरण बना रहा।
प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण चिकित्सकों के संकल्प, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण बना।
नीलकांत आर्य 📞7250507646
प्रदेश मीडिया प्रभारी ग्रामीण चिकित्सक एशोसिएशन




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