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उपायुक्त हेमंत सती ने किया छठ घाटों का निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता


गोपाल शर्मा
झारखंड/ पाकुड़।
आगामी महापर्व छठ पूजा के मद्देनज़र जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त हेमंत सती ने आज जिले के विभिन्न छठ घाटों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाटों की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, जलस्तर, रोशनी, पेयजल और शौचालय की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण करते उपायुक्त 

उपायुक्त ने बिजली घाट, शंकुतला घाट, मुक्तेश्वर घाट, ओझाटोली घाट, चानन घाट और कबूतर खोपी घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी संबंधित विभागों नगर परिषद, जलापूर्ति, विद्युत, स्वच्छता एवं पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों को संपूर्ण तैयारी समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।


तीन घाट घोषित हुए सुरक्षित, एक घाट असुरक्षित चिन्हित

गंगा नदी के जलस्तर और स्थल निरीक्षण के आधार पर प्रशासन ने बिजली घाट, शंकुतला घाट, तथा मुक्तेश्वर घाट को सुरक्षित घाटों के रूप में चिन्हित किया है। वहीं, ओझाटोली घाट को अधिक जलस्तर और मिट्टी कटाव के कारण असुरक्षित घाट घोषित किया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे असुरक्षित घाटों पर छठ पूजा का आयोजन न करें और सुरक्षित घाटों पर ही पूजा संपन्न करें।


श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता — उपायुक्त

निरीक्षण के उपरांत उपायुक्त हेमंत सती ने कहा,

“महापर्व छठ श्रद्धा और आस्था का पर्व है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक घाट पर सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक घाट पर बेरिकेडिंग, रोशनी, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सीय सुविधा और शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

भीड़ नियंत्रण और आपात व्यवस्था के विशेष निर्देश


उपायुक्त ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि घाटों पर भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था एवं आपातकालीन सेवाओं की तैनाती की विशेष व्यवस्था की जाए। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा ताकि महापर्व छठ शांति, श्रद्धा और सुरक्षा के साथ संपन्न हो सके।

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