प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी 16 मई 2026 को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया गया, जिसका उद्देष्य है डेंगू के खतरे एवं डेंगू से बचाव तथा नियंत्रण संबंधी विभिन्न उपायों और तरीकों से जन समुदाय को अवगत कराना तथा उनके व्यवहार में परिवर्तन पर विषेष बल दिया जाना है।मानसून के दौरान एवं मानसून के पश्चात डेंगू के प्रसरण की संभावना बढ़ जाती है, जिसका मुख्य कारण होता है डेंगू से बचाव संबंधी उपायों के प्रति आमजन की अनभिज्ञता।
इस वर्ष ग्यारहवें डेंगू दिवस की थीम है - Community Participation Dengue Control: Check, Clean and Cove (डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारीः जाँच करें, सफाई करें और ढकें)।
डेंगू रोगियों की संख्या कम करने हेतु राष्ट्रीय डेंगू दिवस 16 मई 2026 के अवसर पर जिला एवं प्रखण्ड स्तर पर जनसमुदाय एवं पंचायत सदस्य के साथ गोष्ठी, क्वीज/क्तंूपदह प्रतियोगिता, प्रभात फेरी/रैली, ग्राम गोष्ठी/कार्यषाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जन समुदाय को डेंगू रोग के प्रति जागरुक करने एवं इस रोग से बचने की जानकारी देने हेतु जिला स्तर पर शहरी मलेरिया योजना के कर्मियों एवं शहरी सहिया द्वारा रैली निकाली गई। रैली को डा0 अभय भूषण प्रसाद, सिविल सर्जन, बोकरो एवं डा0 रेणू भारती, जिला भी0बी0डी0 पदाधिकारी द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। मौके पर सिविल सर्जन, बोकारो के साथ जिला भी0बी0डी0 पदाधिकारी, बोकारो, श्री अषीष कुमार, सलाहकार भी0बी0डी0, अन्य स्वास्थ्य कर्मी, न्तइंद डंसंतपं ैजंििए ैज्ज् एवं ठज्ज् तथा शहरी सहिया उपस्थित हुए।
तत्पश्चात पूर्वाहन 11.00 बजे से डा0 रेणू भारती, जिला भी0बी0डी0 पदाधिकारी, बोकारो की अध्यक्षता में शहरी मलेरिया योजना, बोकारो के कर्मचारियों एवं डेंगू कार्य में संलग्न शहरी सहिया का एक कार्यषाला का आयोजित शहरी मलेरिया योजना, बोकारो कार्यालय के सभागार में किया गया तथा ग्राम गोष्ठी का आयोजन सेक्टर 5 स्थित, बगीचा टोला के आँगनबाड़ी केन्द्र में किया गया। इस अवसर पर जिला भी0बी0डी0 पदाधिकारी, बोकारो द्वारा उपस्थित सभी कर्मचारियों एवं ग्रमिणों को डेंगू रोग से बचाव एवं नियंत्रण संबंधी जानकारी देते हुए कहा गया कि डेंगू एक विषाणु जनित रोग है, जो संक्रमित मादा एडिस मच्छर के काटने से होता है तथा इस रोग के लिए किसी प्रकार कर टीका या दवा उपलब्ध नही है। ऐसी स्थिति में जन जागरुकता के माध्यम से डेंगू से बचाव के संबंध में जानकारी देना तथा मच्छरों के प्रजनन स्थल को नश्ट करना आवष्यक है। इसके अलावे सभी अपने घर के आस-पास जल जमाव नही होने देंगे, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करेंगे एवं बुखार होने की स्थिति में अपने नज़दीकी सरकारी अस्पताल जाकर चिकित्सक के परामषानुसार अपना पूर्ण उपचार करायेंगे।








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