विष्णुगढ़ से इस्तियाक अहमद की रिपोर्ट।
ज्ञात हो कि बीते 11 दिसंबर को विष्णुगढ़ के नवादा निवासी अली हुसैन के पुत्र जाकिर हुसैन की सऊदी अरब के जुबेल शहर में इलाज के दौरान मौत हो गया था। जो तीन माह पूर्व रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। घटना के बाद सऊदी में रह रहे झारखंड के सैकड़ो प्रवासी श्रमिकों ने उनके इलाज के लिए काफी सहयोग किया था दुर्भाग्यवश जाकिर नहीं बच पाए। पीड़ित परिवार की इच्छा थी अंतिम बार उनका चेहरा देखें लेकिन आर्थिक तंगी के कारण ये संभव नहीं था। सूचना मिलते ही प्रवासी समूह के सदस्यों ने जुबेल शहर में एक अहम बैठक बुलाई जिसमें यह निर्णय लिया गया कि मरहूम जाकिर अंसारी के शव को भारत भेजने में तकरीबन ढाई लाख रुपए का खर्च होगा। इसके लिए सभी प्रवासी श्रमिकों ने सहयोग का हाथ बढ़ाते हो बढ़ चढ़कर आर्थिक सहयोग किया और राशि जुटाई। ताकि जाकिर अंसारी का शव झारखंड पहुंच सके। इसकी अगुवाई वहां रह रहे हाशिम अंसारी, जियाउल अंसारी और जाहिद अंसारी ने की जिनकी मेहनत रंग लाई और जाकिर अंसारी का शव गुरुवार देर रात्रि दम्माम एयरपोर्ट से रवाना किया गया जो शनिवार को तड़के सुबह हजारीबाग जिला के विष्णुगढ़ नवादा पहुंचा। जिन्हें नवादा के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया। उनके जनाजे में काफी भीड़ उमड़ी थी। बताते चलें कि सऊदी अरब से किसी भी मृतक का शव लाना इतना आसान नहीं है उसके लिए बहुत सारी कागजी प्रक्रियाएं करनी पड़ती है तब जाकर शव को भारत लाया जा सकता है परंतु प्रवासी समूह के द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिया गया और कारी आबिद के माध्यम से भारतीय दूतावास से संपर्क कर सारी प्रक्रियाओं से गुजरते हुए सप्ताह दिन के अंदर मृतक जाकिर अंसारी का शव उनके पैतृक गांव विष्णुगढ़ के नवादा पहुंचा। सऊदी अरब में रह रहे झारखंड प्रवासी समूह के सदस्य ने इस मामले में सरकार से पहल करने की अपील की है।




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