अम्बेडकर सामाजिक संस्थान, गिरीडीह और सीड संस्था , रांची के संयुक्त तत्वावधान में अम्बेडकर भवन, ऑफिसर कॉलोनी, गिरिडीह में ' सामुदायिक परिचर्चा के तहत भीषण गर्मी और हीट वेब की समस्या और समाधान पर संगोष्ठी आयोजित किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ गिरिडीह मेयर श्रीमती प्रमिला मेहरा के उद्धघाटन वक्तव्य से हुई। अपने उद्धघाटन वक्तव्य में कहा कि जलवायु परिवर्तन की हालात वैश्विक चिंता का गंभीर विषय है। जलवायु का संकट जल जंगल और जमीन से जुड़ा कोई अलग मामला नहीं है, इसलिए जंगल की सुरक्षा, जल का संरक्षण और जमीन पर जल के संचयन जलवायु संकट के समाधान की दिशा में हर कोई जागरूक हो, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग में सावधानी बरतें, वर्षाजल के संचय, संग्रहन के लिए हर धर में सोखता, शहरी मकानों, व्यवसायिक, औधोगिक प्रतिष्ठानों में हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाना अनिवार्य हो इसके लिए ग्रामों में पंचायत स्तर पर और नगर निगम, नगर निकाय हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए बिना धर, व्यवसायिक औधोगिक मकान, प्रतिष्ठान का नक्सा स्वीकृत नहीं हो इसके लिए आप सबों से राय मशविरा कर इस नियम को कड़ाई से लागू करना ही होगा।
परिचर्चा में ग्रामीण क्षेत्र से भाग ले रहें प्रतिभागियों ने जलवायु परिवर्तन और हीट वेब से गांवों के जन जीवन पर पड़ रहे असर तथा जंगलों के उजड़ने से हाथियों का गांवों में घुसना, जान माल की हानी अब आम बात हो गई है। मनरेगा के तहत डोभा, पोखर, कुआं, तालाब आदि का निर्माण ज्यादा से ज्यादा हो ताकि जल सरंक्षण के स्रोत बना रहें।
जन संस्कृति मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष और सिविल सोसायटी के कार्यकारी सचिव शंकर कुमार पाण्डेय ने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि जलवायु संकट से ताप वृद्धि, प्रजातियों का लोप, आर्थिक विषमता तो पैदा कर ही रही है आसन्न विश्वयुद्ध का खतरा प्रकृति , मानव सभ्यता के लोप की झड़ी को नजदीक आता देख रहें हैं।
समाजवादी जन परिषद के प्रदेश सचिव अधिवक्ता श्री धरनीधर प्रसाद ने कहा कि मानवता को पूंजीवाद की व्यवस्था ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन से जलवायु संकट में है जिसके कारण मनुष्य के साथ साथ जंगली जीव जंतुओं के जीवन पर गहरा संकट उठ खड़ा हुआ है। अब लोगों को पीने का शुद्ध पानी, स्वच्छ हवा के लिए आवाज उठाने पड़ रहे हैं। यह सब अंध विकास का परिणाम है। सिन्दवारिया पंचायत के मुखिया रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने कहा कि, आज पूरी दुनियां में ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा है। गांव के तालाब, डोभा, सुख रहे हैं। मवेशियों को भी दिक्कत हो रही हैं।
जागो फाउण्डेशन के बैजनाथ प्रसाद बैजु ने भी संगोष्ठी को सम्बोधित किया। संगोष्ठी का संचालन सीड संस्था के अशोक कुमार सिन्हा ने किया, जबकि अम्बेडकर सामाजिक संस्थान के सचिव रामदेव विश्वबंधु ने धन्यवाद ज्ञापित किया।






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