मो० शबा की रिपोर्ट
तेनुघाट ---- तेनुघाट अधिवक्ता संघ के पुस्तकालय भवन में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का रांची के देवनिका संस्था के द्वारा लगया गया। वहीं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा एवं महासचिव वकील प्रसाद के द्वारा बताया गया की अधिवक्ता संघ बेरमो तेनुघाट में लगाने का मुख्य उद्देश्य यह है की आज के परिवेश में अधिवक्ताओं का जीवन बहुत ही भाग दौर का हो गया है उनके पास अपने स्वास्थ्य को दिखाने का भी समय नहीं हो पाता है। जिसके चलते कभी कभी बहुत ही असामान्य घटना घट जाती है। इन्हीं सबो को लेकर इस कैम्प का आयोजन समय समय पर किया जाता है और आगे भी किया जाता रहेगा।
वहीं रांची से आये डॉ अनंत सिन्हा ने बताया की तेनुघाट अधिवक्ता संघ बेरमो तेनुघाट में लगाए गये शिविर में ज्यादा तर लोग सुगर, बीपी, घुटने का दर्द, न्यूरो से सम्बंधित लोग रहे। वहीं बहुत से लोगो को जांचो उपरांत दवा के साथ साथ एक्सरसाइज भी बताई गई। आगे डॉ अनंत सिन्हा ने बताया कि आज आप देख रहे हैं कि जब कभी भी कोई भी अपने प्लास्टिक सर्जरी, आर्थोपेडिक, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, जेनरल सर्जरी, न्यूरो सर्जरी आदि अन्य बीमारियों की इलाज कराने जाते हैं तो जरूरत से ज्यादा खर्च करना पड़ता है। इसलिए यहां पर स्वास्थ्य शिविर जांच के दौरान हम सभी को यह जानकारी देना चाहते हैं कि हमने एक नया देवनिका अस्पताल रांची तुपुदाना के इंडस्ट्रियल एरिया के इंस्लेरी चौक पर खोले है जहां पर अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड, राजकीय स्वास्थ्य कार्ड सहित अन्य किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य कार्ड है तो उनका इलाज फ्री किया जाता है। अगर किसी भी प्रकार की कार्ड नहीं है तो भी अन्य अस्पताल से कम खर्च पर आपका इलाज होगा।
वहीं डॉ विशाल ने बताया की अभी के समय में अनियमित भोजन करना, बाजार का सामान ज्यादा खाना, खाली पेट रहना इत्यादि के कारण बीमारी हो रही है, इन सभी बातो पर ध्यान रखा जाये तो शरीर में कोई भी बीमारी नहीं होगी लेकिन अभी के समय में लोग का जीवन भाग दौड़ की होने के कारण शरीर में कई बीमारी घर बना रही है और इसका पता तब चलता है जब लोग सभी कार्यों से निश्चिंत हो जाते है।
वहीं इस शिविर को संचालन करने में डॉ चित्राक्ष सिन्हा, अनिकेत सिन्हा, रौशनी कुमारी, लोकेश साहू, उमेश कुमार, अमित कुमार सहित स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस स्वास्थ्य शिविर में अधिवक्ता संघ के सदस्य सहित अन्य कई लोगों ने अपना जांच कराकर लाभ उठाया।





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