संस्कार और नेतृत्व की पौधशाला सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में शुक्रवार को लोकतंत्र का जीवंत उत्सव देखने को मिला। इस दौरान बाल/किशोर भारती के अंतर्गत चारों सदनों के प्रधानमंत्री पद हेतु हुए चुनाव का परिणाम घोषित होते ही विद्यालय प्रांगण 'भारत माता की जय' के उद्घोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर विद्यालय के पदेन अध्यक्ष एवं प्रधानाचार्य आनंद कमल की गरिमामयी अध्यक्षता में शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन हुआ। इस मौके पर कक्षा षष्ठ से नवम तक के भैयाओं ने पूर्ण अनुशासन एवं उत्साह के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर मतदान किया। निष्पक्ष मतगणना के उपरांत चारों सदनों के कर्णधारों के नामों की घोषणा की गई।
इस मौके पर प्रधानाचार्य ने नवनिर्वाचित सभी भैया को भारतीय परंपरा के अनुरूप पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण शब्दों के साथ ही इन किशोर कंधों पर विद्यालय की गरिमा और अनुशासन को और ऊँचा ले जाने का दायित्व आ गया।
अपने ओजस्वी उद्बोधन में प्रधानाचार्य आनंद कमल ने कहा, कि
_"बाल भारती का प्रधानमंत्री पद अधिकार नहीं, उत्तरदायित्व है। यह सेवा, समर्पण और संस्कार का संगम है। नेतृत्व का अर्थ है - सबसे पहले स्वयं अनुशासित होना और फिर दूसरों को प्रेरणा देना। मुझे विश्वास है कि ये चारों भैया अपने सदन को उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।"_
गौरव के प्रतीक - नवनिर्वाचित सदन-प्रधानमंत्री:
1. आर्यभट्ट सदन – भैया सुधाकर कुमार, कक्षा नवम 'अ'
2. भास्कराचार्य सदन – भैया अमन शंकर, कक्षा नवम 'ब'
3. चरक सदन – भैया अंकित स्वर्णकार, कक्षा नवम 'अ'
4. धन्वंतरि सदन – भैया गोपाल तिवारी, कक्षा नवम 'ब'
इस ऐतिहासिक अवसर पर समस्त आचार्य , दीदी एवं भैया-बहन साक्षी बने। वातावरण में गर्व और संकल्प का अद्भुत संगम था।
समारोह का समापन राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गान से हुआ। वंही
विद्यालय परिवार ने चयनित सभी भैयागण को हार्दिक बधाई दिया और कहा कि हमें आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि आप सब 'सा विद्या या विमुक्तये' के ध्येय को आत्मसात कर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।




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