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पेंशन कोई उपकार नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मियों का वैधानिक अधिकारः उपायुक्त

पेंशन कोई उपकार नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मियों का वैधानिक अधिकारः उपायुक्त

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पेंशन संबंधित लंबित आवेदनों को 15 - 30 दिनों में करें निष्पादन, संबंधित पदाधिकारी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ करें कार्य

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प्रतिमाह लंबित पेंशन की होगी समीक्षा - सभी विभागों के स्थापना पदाधिकारी अपने अधिनस्थ कर्मियों के आधार - पैन एवं बैंक में नाम को लेकर किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर कराएं

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एजी कार्यालय रांची से पहुंचें वरीय लेखा पदाधिकारियों ने पेंशन से संबंधित विभिन्न केस स्टडी के माध्यम से समस्याओं के निदान को बताया, शिकायत निवारण पोर्टल‘समाधान’ की दी जानकारी 

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सुशासन सप्ताह के तहत समाहरणालय सभागार में आयोजित हुआ पेंशन अदालत, लंबित कुल 65 मामलों पर हुई क्रमवार सुनवाई

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जिले में पेंशन से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों को समय पर लाभ दिलाने के उद्देश्य से सोमवार को सुशासन सप्ताह के तहत समाहरणालय सभागार में पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा ने की। मौके पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, मुख्यालय डीएसपी श्री अनिमेश गुप्ता, डीसीएलआर श्री प्रभाष दत्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्रीमती शालिनी खालखो, स्थापना उप समाहर्ता श्री प्रेम चंद सिन्हा, जिला कोषागार पदाधिकारी श्री गुलाब चांद उरांव, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री अतुल कुमार चौबे, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत अन्य उपस्थित थे। आयोजित पेंशन अदालत में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 65 लंबित मामलों पर क्रमवार सुनवाई की गई।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पेंशन से जुड़े किसी भी लंबित आवेदन को 15 से 30 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निष्पादित किया जाए। उन्होंने कहा कि पेंशन से संबंधित अनावश्यक देरी से सेवानिवृत्त कर्मियों को मानसिक एवं आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रतिमाह लंबित पेंशन की होगी समीक्षा

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पेंशन मामलों की नियमित समीक्षा होगी। प्रत्येक माह पेंशन मामलों की सुनवाई अनिवार्य रूप से किया जाए। इस बाबत जिला पेंशन एवं लेखा पदाधिकारी एवं स्थापना उप समाहर्ता को जरूरी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन होगा तथा सेवानिवृत्त कर्मियों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

आधार, पैन एवं बैंक विवरण में त्रुटियों को तुरंत दूर करें

उपायुक्त ने सभी विभागों के स्थापना पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों के आधार, पैन एवं बैंक खाते में नाम से संबंधित किसी भी प्रकार की त्रुटि को शीघ्र दुरुस्त कराएं। ताकि पेंशन शुरू करने के समय किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में छोटी-छोटी त्रुटियां पेंशन भुगतान में अनावश्यक विलंब का बड़ा कारण बनती हैं, जिसे समय रहते ठीक करना आवश्यक है।

एजी कार्यालय के वरीय लेखा पदाधिकारियों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

पेंशन अदालत में महालेखाकार (एजी) कार्यालय, रांची से पहुंचे वरीय लेखा पदाधिकारी श्री अजीत राजू राजन मिंज एवं श्रीमती असाई माई परेया ने पेंशन से जुड़े विभिन्न मामलों को केस स्टडी के माध्यम से समझाया और आमतौर पर आने वाली समस्याओं एवं उनके समाधान की जानकारी दी।

उन्होंने पेंशनरों एवं विभागीय पदाधिकारियों को विभाग द्वारा तैयार किए गए शिकायत निवारण पोर्टल ‘समाधान’ के बारे में विस्तार से बताया और इसके माध्यम से पेंशन संबंधी शिकायतों के ऑनलाइन समाधान की प्रक्रिया समझाई।

संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करें

बैठक के अंत में उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने कहा कि पेंशन कोई उपकार नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मियों का वैधानिक अधिकार है। सभी संबंधित पदाधिकारी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र पेंशनर को अनावश्यक विलंब या परेशानी नहीं हो।

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