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सुशासन सप्ताह : बोकारो में प्रशासन बना जनता का सहभागी

सुशासन सप्ताह : बोकारो में प्रशासन बना जनता का सहभागी
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उपायुक्त श्री अजय नाथ झा के नेतृत्व में जन-केंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह शासन की मिसाल
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उपायुक्त श्री अजय नाथ झा के नेतृत्व में जिले में सुशासन को व्यवहार में उतारने के लिए कई ठोस और जनहितकारी पहलें की जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है।
जनता के बीच प्रशासन : संवाद से समाधान तक

सुशासन के तहत जिला स्तर के वरीय, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिकारी गांव-गांव जाकर आम लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। इन अभियानों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे प्रशासन और जनता के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूती मिली है।

इसके साथ ही उपायुक्त द्वारा प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार (हम आपको सुनते हैं...) में नागरिकों की समस्याओं की व्यक्तिगत सुनवाई कर समयबद्ध समाधान किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम प्रखंडों में भी बीडीओ - सीओ द्वारा किया जा रहा है।

आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम : शिकायत निवारण में उल्लेखनीय उपलब्धि

भारत सरकार एवं राज्य सरकार के संबंधित पोर्टलों के माध्यम से जिले में कुल 1272 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से *1212 शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान कर लिया गया है। शेष 60 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं, जिन पर शीघ्र कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार (सेवा का अधिकार सप्ताह) कार्यक्रम के तहत 46,357 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 40,404 आवेदनों* का त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन किया गया है।

डिजिटल सुशासन की ओर कदम : ई-जनसेतू मोबाइल ऐप

डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बोकारो जिला प्रशासन द्वारा ई-जनसेतू” नामक मोबाइल ऐप* विकसित किया गया है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं और शिकायतों की प्रगति व समाधान की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल प्रशासन को अधिक जन-सुलभ और तकनीक-सक्षम बना रही है।

क्षेत्रीय भ्रमण और सतत निगरानी : जवाबदेही सुनिश्चित

उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले के सभी वरीय अधिकारी प्रत्येक शनिवार को पूरे दिन क्षेत्र भ्रमण (हमारा गांव - हमारे लोग) कर आमजनों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। 

इन कार्यों की नियमित समीक्षा उपायुक्त स्वयं करते हैं। साथ ही, राज्य स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

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