विष्णुगढ़ से इस्तियाक अहमद की रिपोर्ट
चुनाव के मद्देनजर अवैध शराब कारोबारियों पर पुलिस का चला डंडा, बीते 31 जनवरी को देर रात्रि 3:00 बजे के आसपास पुलिस द्वारा छापेमारी करते हुए दो अलग अलग जगहों पर संचालित नकली शराब बनाने वाली मिनी फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया है। 1 नरकी के पिपरा टोला में 2 चलानिया में जहां भारी मात्रा में अवैध रूप से निर्मित अंग्रेजी नकली शराब , दो पिकअप वैन, ऑटोमेटिक मशीन के अलावे दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सूचना के अनुसार अवैध शराब कारोबारी के द्वारा मिनी शराब फैक्ट्री संचालन किया जा रहा था तथा उत्पादित मिश्रित शराब को अंग्रेजी शराब के बोतलों में भरकर नकली स्टीकर एवं झारखंड सरकार का मोनोग्राम बारकोड लगाकर उसे असली शराब के रूप में प्रदर्शित कर अवैध रूप से बृहद पैमाने में चोरी छुपे अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से बेचा जा रहा था। जिसके जीवन सेवन से मानव जीवन पर काफी दुष्प्रभाव पड़ रहा है. जिसकी सूचना मिलने पर छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी सपन कुमार महथा पुलिस अवर निरीक्षक दीपक कुमार सिंह पुलिस अवर निरीक्षक चंदन सिंह पुलिस अवर निरीक्षक रतन मंडल सहायक अवर निरीक्षक संत कुमार पाठक एवं थाना के सशस्त्र बल शामिल थे. छापेमारी के क्रम संत कुमार पाठक घायल भी हो गए। इस दौरान ग्राम नरकी के पिपरा टोला स्थित बंसी मांझी उर्फ एफडी मांझी के खाली पड़े मकान से भारी मात्रा में शराब लदे दो पिकअप वैन को जप्त किया गया साथ ही चलानिया स्थित कृष्णा साव के मकान में बने नकली मिश्रीत शराब तथा शराब बनाने के कार्य में उपयोग में आने वाला लिक्विड तथा शराब रिफिलिंग करने वाली ऑटोमेटिक मशीन जिसकी कीमत लाखों में है उसे भी जप्त कर लिया गया. इस संदर्भ में विष्णुगढ़ थाना कांड संख्या 18/ 26 अंकित कर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. जिसमें 18 नामजद एवं तीन अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. गिरफ्तार अभियुक्त में संजय कुमार उर्फ सनी पिता रामेश्वर साहू जरीडीह थाना गांधीनगर जिला बोकारो दूसरा हर्ष कुमार पिता लाल बाबू कसेरा, कसेरा मोहल्ला विष्णुगढ़ जिला हजारीबाग।
नकली शराब जो इन कंपनियों के नाम जो बनाए जाते थे
रॉयल स्टैग , ब्लेंडर स्प्राइट, स्टर्लिंग रिजर्व b7 ,रॉयल चैलेंज इत्यादि ब्रांडेड कंपनियों के नाम शामिल है।
थाना प्रभारी ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि जप्त किए गए सामानों की कीमत अनुमानित 56 लाख रुपए है. जिसमें 2 पिकअप वैन एवं ऑटोमेटिक मशीन भी शामिल है। गौरतलब के इन दो पिकअप में से एक डाक पार्सल की गाड़ी थी जो बिहार नंबर की है जिसमें बोकारो नंबर लगा कर चलाया जा रहा था। संभवतः बिहार में सप्लाई होता होगा नकली शराब. इसे चुनाव में भी उपयोग किया जा सकता था।







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