जरीडीह - नावाडीह कृषक पाठशाला में किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करेंः उपायुक्त
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चिन्हित बिरसा हरित गांव का हर व्यक्ति कृषि गतिविधि में शामिल हो, पाठशाला का उद्देश्य पूरा होना जरूरी
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कैश क्राप/उन्नत फसल की खेती करें, किसानों को प्रेरित करें कि वह भी इन फसलों का उत्पादन करें
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कृषक पाठशाला में हुए कार्यों के अनुरूप एजेंसी को भुगतान का किया अनुमोदन, कृषक पाठशाला के कार्यों की सतत निगरानी को प्रखंड स्तरीय कमेटी गठित करने का डीडीसी को निर्देश
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समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जरीडीह एवं नावाडीह प्रखंड अंतर्गत संचालित कृषक पाठशालाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, जिला कृषि पदाधिकारी मो. शाहिद, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कृषक पाठशालाओं की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों को इन पाठशालाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कृषक पाठशालाएं केवल प्रशिक्षण केंद्र न रहकर किसानों के लिए व्यवहारिक सीखने का मंच बनें, जहां वे उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक उपकरणों, उन्नत बीजों, सिंचाई प्रबंधन एवं फसल विविधीकरण के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त कर सकें।
बिरसा हरित गांव के प्रत्येक व्यक्ति को कृषि गतिविधियों से जोड़ने पर बल
उपायुक्त ने विशेष रूप से चिन्हित बिरसा हरित गांव पर ध्यान केंद्रित करते हुए निर्देश दिया कि इन गांवों के प्रत्येक परिवार एवं व्यक्ति को कृषि अथवा उससे संबंधित गतिविधियों में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने की आवश्यकता है।
कैश क्रॉप एवं उन्नत फसलों की खेती को बढ़ावा देने का निर्देश
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ किसानों को कैश क्रॉप एवं उन्नत फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त फसलों का चयन कर उनकी खेती को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही, ऐसे प्रगतिशील किसानों की पहचान कर उन्हें मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जिन्होंने नई तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन हासिल किया है। इससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिलेगी और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा।
कृषक पाठशालाओं के कार्यों की समीक्षा, कार्यानुसार भुगतान का अनुमोदन
समीक्षा के क्रम में कृषक पाठशालाओं के अंतर्गत किए गए विभिन्न कार्यों का बिंदुवार मूल्यांकन किया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति के अनुरूप ही संबंधित एजेंसियों को भुगतान किया जाए। इसी क्रम में उन्होंने अब तक संपन्न कार्यों के आधार पर भुगतान का अनुमोदन प्रदान किया, साथ ही भविष्य में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
सतत निगरानी हेतु प्रखंड स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश
कृषक पाठशालाओं के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त को प्रखंड स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया। यह समिति नियमित रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेगी।
उपायुक्त ने कहा कि कृषक पाठशालाएं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादकता में सुधार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करते हुए योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया।






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