बोकारो बार एसोसिएशन द्वारा अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम आयोजित, डीसी हुए शामिल
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बोकारो बार एसोसिएशन द्वारा मंगलवार को संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा, सीजीएम श्री मनोरंजन कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया नमन
इस दौरान उपस्थित उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा, सीजीएम श्री मनोरंजन कुमार समेत अन्य अतिथियों ने बाबा साहेब की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मौके पर एनडीसी श्री प्रभाष दत्ता, डीएलएओ श्री द्वारिका बैठा, डीएसओ श्रीमती शालिनी खालको, डीटीओ श्रीमती मारूति मिंज, डीपीआरओ श्री रवि कुमार, एपीआरओ श्री अविनाश कुमार सिंह, एसोसिएशन के अध्यक्ष–सचिव सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
लोकतंत्र की मजबूती पर उपायुक्त का जोर
अपने संबोधन में उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने सभी को बाबा साहेब की जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निर्धारित मार्ग पर चलते हैं, जबकि कुछ का दृष्टिकोण व्यापक होता है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान आए अंतराल का उद्देश्य समाज को तैयार करना था, ताकि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशहित में सभी एकजुट होकर आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि लगभग 80 वर्षों में भारत में लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हुई हैं, जबकि कई देशों में लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत परिस्थितियां देखने को मिलीं। भारत में समानता और अधिकारों की रक्षा संविधान के माध्यम से सुनिश्चित की गई है।
संवैधानिक जागरूकता बढ़ाने पर दिया बल
उपायुक्त ने कहा कि लोगों को अपने अधिकारों और कानूनी जानकारी के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में सकारात्मक और प्रभावी पहल करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा अधिवक्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका - तीनों लोकतंत्र के सशक्त स्तंभ हैं।
अगले वर्ष बड़े आयोजन की कहीं बात
उपायुक्त ने बोकारो बार एसोसिएशन से अपेक्षा जताई कि अगले वर्ष बाबा साहेब के विचारों पर आधारित संगोष्ठी, वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, ताकि बोकारो जिला संवैधानिक चर्चा का अगुवाई कर सके।
सीजीएम ने जिम्मेदारियों के निर्वहन पर दिया बल
मौके पर सीजीएम श्री मनोरंजन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि केवल बाबा साहेब की जयंती मनाने से उनके प्रति हमारा दायित्व पूरा नहीं होता। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने संघर्ष के माध्यम से व्यवस्था परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज की मूल समस्याओं को समझकर संविधान का निर्माण* किया। उन्होंने कहा कि आज देश उसी संविधान के तहत निरंतर प्रगति कर रहा है। ऐसे में सभी को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री बासुदेव गोस्वामी, सचिव श्री दिनेश शर्मा आदि ने भी अपना वक्तव्य रखा।






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