Translate

महात्मा हंसराज जी की 162वीं जयंती विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास पूर्वक मनायी गयी।

मो० शबा की रिपोर्ट 

तेनुघाट ---- समाज में शिक्षा की अलख जगाने, स्त्री शिक्षा पर विशेष ध्यान देकर समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने के उद्देश्य से स्थापित डी ए वी शिक्षण-संस्थान की नींव रखने वाले एवं आजीवन अवैतनिक सेवा करने वाले महान शिक्षाविद्, समाजसेवी आर्य समाज के सक्रिय कार्यकर्ता एवं प्रखर प्रतिभा के धनी महात्मा हंसराज जी की 162वीं जयंती विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास पूर्वक मनायी गयी। आज की प्रार्थना सभा महात्मा हंसराज को समर्पित थी। प्रातः प्रार्थना सभा में प्राचार्या श्रीमती स्तुति सिन्हा ने महात्मा जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया। तदनंतर शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा भी महात्मा जी को नमन करते पुष्प अर्पित किया गया। इस समारोह को नन्हें-मुन्हे बच्चे महात्मा जी की वेशभूषा में उपस्थित होकर उनकी छवि को जीवंत कर दिए। इसके पश्चात रुद्र गुप्ता (कक्षा आठवीं) एवं साबिक जुनैद (कक्षा छठी) के छात्रों ने अंग्रेजी एवं हिन्दी भाषा में महात्मा हंसराज जी के बारें में अपने विचार व्यक्त किए। तदनन्तर प्राचार्या ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा जी का जीवन त्याग, शिक्षा एवं समाज सेवा के लिए समर्पित रहा वे डी ए वी के पुरोधा के रुप में अपने अप्रतिम योगदान के लिए हमेशा याद किए जाएँगे एवं उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है। आज का यह समारोह सी सी ए प्रमुख लक्ष्मी गुप्ता एवं असगर अली के सुझाव एवं योगेन्द्र प्रताप के कुशल निर्देशन में जयंत कुमार सहयोग से सम्पन्न हुआ।

Post a Comment

0 Comments