■ *वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाकर अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान।*
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्थानीय तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा परिसर में जिला प्रशासन, गोड्डा द्वारा जिला स्तरीय वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करना है।*
*कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक, गोड्डा श्री मुकेश कुमार, उप विकास आयुक्त, गोड्डा श्री विस्पुते श्रीकांत यशवंत , डिविजनल फॉरेस्ट ऑफीसर (डीएफओ) श्री पवन बाघ, तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य, संकाय सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा पौधारोपण कर किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का रोपण किया गया तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया गया।*
*कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक, गोड्डा श्री मुकेश कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई तथा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान केवल वृक्षारोपण और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने से ही संभव है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।*
*उप विकास आयुक्त, गोड्डा श्री विस्पुते श्रीकांत यशवंत ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी यदि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनेगी, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।*
*डिविजनल फॉरेस्ट ऑफीसर (डीएफओ) श्री पवन बाघ ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमूह से अपने घरों, विद्यालयों तथा आसपास के क्षेत्रों में अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण तथा स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।*
*कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। पौधों की देखभाल, संरक्षण एवं उनके पर्यावरणीय महत्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उपस्थित सभी लोगों ने अधिकाधिक वृक्षारोपण कर जिले को हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने का संकल्प लिया।*
*इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं अधिकारियों ने महाविद्यालय परिसर में स्थापित अमर शहीद बाबा तिलका मांझी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा उनके अदम्य साहस, त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम को स्मरण किया।*
*कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के संकाय सदस्यों द्वारा सभी अतिथियों एवं अधिकारियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने की सामूहिक शपथ ली।*
*विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।*
*मौके पर तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा की डॉ. अजीता सोरेन (संस्कृति समिति प्रभारी), इंजी. कुणाल प्रसाद (एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी), डॉ. शेखर डी. खाड़े, डॉ. एम. रंजामा देवी, डॉ. निर्मला कुमारी, डॉ. अभिजीत सतपथी, डॉ. करुणा शंकर (उद्यानिकी इकाई प्रभारी), डॉ. नीरजा उषा कुजूर, डॉ. जेनी प्रिया एक्का, सुश्री उपाली किस्कू, श्री सतीश कुमार पांडेय तथा डॉ. मुकेश कुमार सिंह (सहायक कुलसचिव) सहित महाविद्यालय के सभी सहायक प्राध्यापक-सह-कनिष्ठ वैज्ञानिक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।*


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