1000 करोड़ की अवैध पत्थर खनन की शुरू हुई केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच साहिबगंज जिले में लगातार बढ़ती जा रही है. अवैध खनन मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के मुख्य गवाह है विजय हंसदा की गवाही से पलटने के पश्चात उच्च न्यायालय रांची के आदेश के बाद उक्त जांच की कड़ी में सीबीआई की टीम द्वारा लगातार साहिबगंज के विभिन्न स्थानों में छापेमारी कर रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार आज फिर साहिबगंज की 40 सदस्यों की टीम द्वारा जेएमएम पार्टी के केंद्रीय सचिव एवं साहिबगंज में हुए 1000 करोड़ अवैध खनन के मुख्य आरोपी पंकज मिश्रा और अन्य आठ जगहों पर एक साथ छापेमारी कर रही है। छापेमारी के दौरान सीबीआई की टीम द्वारा पंकज मिश्रा के ठिकानों पर अन्य और सबूत को खंगाल रही है साथ ही जांच टीम द्वारा पंकज मिश्रा की पत्नी से भी पूछताछ कर रही है। हालांकि छापेमारी कर रहे सीबीआई टीम को क्या कुछ और भी सबूत प्राप्त हुए हैं यह तो पता नहीं चला परंतु जिले में सीबीआई की टीम द्वारा किए जा रहे छापेमारी से हड़कंप मचा हुआ है।
साहेबगंज में छापेमारी करते सीबीआई टीम
सीजेएम साहिबगंज के आदेश पर हुई थी प्राथमिकी दर्ज
साहिबगंज के मिर्जा चौकी थाना क्षेत्र के भवानी चौक अंबाडीह मंडरो निवासी विजय हंसदा ने साहिबगंज के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में शिकायत की थी। कोर्ट के आदेश पर ही साहिबगंज में प्राथमिकी हुई थी। जिसके आधार पर सीबीआई ने प्राथमिक की दर्ज की थी। विजय हड्डा ने कोर्ट को बताया था कि उसके गांव के करीब दर्जनों घरों की एक बस्ती है उनके गांव के बगल में झगरू चौकी के नजदीक नींबू पहाड़ है पिछले दो-ढाई साल से नींबू पहाड़ पर आरोपियों व पत्थर माफिया के माध्यम से गैर कानूनी तरीके से बिना किसी खनन पट्टा के जिले में पदस्थापित संबंधित अधिकारी के मेल से खनन कार्य किया जा रहा है. इसमें अधिकारियों की मिलीभगत है। अवैध विस्फोट कर पत्थर तोड़ा जा रहा है इसमें वायु प्रदूषण बढ़ गया है, गांव में सांस लेना मुश्किल हो गया है। विस्फोट से गांव के मकान की दीवार फट गई है इससे गांव में जान माल का खतरा है ब्लास्ट से पत्थर ग्रामीणों के घरों तक भी गिरते हैं इसकी शिकायत समाहर्ता साहेबगंज व डीएम साहेबगंज से भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद विजय हसदा व अन्य ग्रामीण 2 मई 2022 को 11:00 बजे रात में नींबू पहाड़ पर पहुंचे तो सभी आठों नामजद आरोपियों व उनके हथियारबंद अंगरक्षक ने धमकाया, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी। इतना ही नहीं उनके अंगरक्षकों ने राइफल के बट से भी मारा इसके बाद सभी किसी तरह जान बचाकर भागे।
झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई मामले में कर रही है जांच।
सीबीआई ने झारखंड उच्च न्यायालय से विजय हंसदा बनाम झारखंड सरकार व अन्य से संबंधित याचिका में 18 अगस्त को जारी आदेश पर पीई दर्ज की थी। इसके शिकायतकर्ता विजय हसदा ने अपनी उक्त याचिका वापस लेने संबंधित कोर्ट में आईए दाखिल की थी जिस पर कोर्ट ने सीबीआई को प्रारंभिक जांच पीई के लिए आदेश दिया था। सीबीआई में विजय हसदा के साहिबगंज के एससी-एसटी थाने में 1 दिसंबर 2022 को दर्ज केस के आरोपितो में विष्णु प्रसाद यादव, पवित्र कुमार यादव, राजेश यादव, संजय कुमार यादव, बच्चू यादव, संजय यादव, सुदेश मंडल व पंकज मिश्रा शामिल था। इन पर अवैध खनन एससी - एसटी, मारपीट, आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोप है। इन पर साहिबगंज के नींबू पहाड़ पर अवैध पत्थर खनन करने व अवैध संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप है। सीबीआई ने प्रारंभिक जांच के बाद इन पूरे मामलों को विस्तृत जांच के लायक पाया और सभी आरोपितों के विरुद्ध नियमित केस दर्ज करने की कार्रवाई की। सीबीआई ने दर्ज केस के अनुसंधान की जिम्मेदारी सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो के डीएसपी केके सिंह को दी गई है।
ज्ञात हो की सीबीआई को उच्च न्यायालय रांची से मिले आदेश के विरुद्ध पंकज मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में उच्च न्यायालय झारखंड के आदेश को खारिज करने की अपील की थी परंतु सुप्रीम कोर्ट दिल्ली द्वारा अपील को ही खारिज कर दिया। इसके बाद सीबीआई की टीम ने जिले में अपना जांच आरंभ कर दिया अब देखना यह है कि सीबीआई की इस जांच में क्या कुछ निकाल कर सामने आता है।



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