वन महोत्सव का उद्देश्य वनों को उगाने और बचाने के महत्व को फैलाना है- डॉ सुनीता यादव
*वन है तो जीवन है- डॉ चंद्रिका ठाकुर*
*एक पेड़ माँ का नाम अभियान अब जनांदोलन का रूप ले लिया है-डॉ ब्रजेश*
राँची, 06 जुलाई 2024
राँची विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय हिंदी विभाग की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में विभागाध्यक्ष डॉ सुनीता यादव की अध्यक्षता में मानविकी संकाय परिसर में वन महोत्सव के अंतर्गत " एक पेड़ माँ के नाम "अभियान के तहत पौधरोपण सह पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व एन एस एस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ कुमुद कला मेहता ने किया।
इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय भाषण में हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ सुनीता यादव ने कहा कि वन महोत्सव का उद्देश्य हमारे द्वारा वनों को उगाने और बचाने के महत्व को फैलाना है।उन्होंने कहा कि आज वनों की अंधाधुंध कटाई के दुष्प्रभावों के बारें में जागरुकता पैदा करना है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी से पर्यावरण के गंभीर संकट को देखते हुए अधिक से अधिक पौधा लगाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ चंद्रिका ठाकुर ने कहा कि वन है तो जल है और जल है तो जीवन है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर यू के एन एस एस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान अब जनांदोलन का रूप ले लिया है। उन्होंने कहा कि धरती भी हमारी माँ के समान ख्याल रखती है एवं धरती माँ हमारे जीवन का आधार है, इसलिए हमारा भी कर्तव्य है कि हम धरती माँ का भी ख्याल रखें।
इस अवसर पर हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ हीरानंदन प्रसाद, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ नियति कल्प ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
आज के कार्यक्रम में हिंदी विभाग के प्राध्यापकों के साथ बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं ने कुल 25 पौधों को लगाया एवं सभी ने इसे बचाने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम का संचालन एन एस एस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ कुमुद कला मेहता ने किया।
सादर
डॉ ब्रजेश कुमार
कार्यक्रम समन्वयक
राष्ट्रीय सेवा योजना
राँची विश्वविद्यालय


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