प्लंबर - जल सहिया महत्वपूर्ण कड़ी, जल जीवन मिशन के बुनियादः उपायुक्त
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कोई काम छोटा नहीं होता है, लक्ष्य बड़ा है - सबको शुद्ध पानी मुहैया कराना है
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अच्छा काम करने वाले को कभी - कभी ताना मिलता है, घबड़ाएं नहीं - जो समाज को प्यार करते हैं वहीं सच्चे नेतृत्वकर्ता होते हैं
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महिला महोत्सव सप्ताह का आयोजन हो रहा है, महिला के रूप में जल सहियाओं का महत्वपूर्ण रोल है, आप कमजोर नहीं - सशक्त है
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समाहरणालय सभागार में जल महोत्सव के तहत विश्व पलंबर दिवस पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन, बेहतर कार्य करने वाले प्लंबर को डीसी - डीडीसी - ई.ई. पीएचईडी ने साल ओढ़ाकर/पौधा - प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
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जल महोत्सव के अंतर्गत विश्व प्लंबर दिवस के अवसर पर समाहरणालय सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए प्लंबरों, जल सहियाओं तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों/कर्मियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बेहतर कार्य करने वाले प्लंबरों को उपायुक्त, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) तथा पीएचईडी चास के कार्यपालक अभियंता श्री राम प्रवेश राम द्वारा साल ओढ़ाकर, पौधा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डा. सुमन गुप्ता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री जगरनाथ लोहरा, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री अतुल कुमार चौबे समेत अन्य उपस्थित थे।
प्लंबर और जल सहिया जल जीवन मिशन की कड़ीः उपायुक्त
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री आयज नाथ झा ने कहा कि प्लंबर और जल सहिया जल जीवन मिशन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनके समर्पण और मेहनत के बिना हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कोई भी काम छोटा नहीं होता है, बल्कि हर काम का अपना महत्व होता है। हमारा लक्ष्य बड़ा है - जिले के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना।
उन्होंने कहा कि जो लोग अच्छा काम करते हैं, उन्हें कभी-कभी ताने भी सुनने पड़ते हैं, लेकिन इससे निराश होने की जरूरत नहीं है। जो लोग समाज के प्रति समर्पित होते हैं, वही स्वाभाविक रूप से समाज के सच्चे नेतृत्वकर्ता (नेचूरल लिडर) बनते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में महिला महोत्सव सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है और इस अभियान में जल सहियाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जल सहिया के रूप में महिलाएं गांवों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य कर रही हैं। महिलाएं कमजोर नहीं बल्कि सशक्त हैं और समाज के विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
योजनाओं के सफल संचालन में प्लंबरों की भूमिका अहम - डीडीसी
मौके पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने अपने संबोधन में कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के सफल संचालन में प्लंबरों की भूमिका अत्यंत अहम है। गांवों में पाइपलाइन, नल-जल कनेक्शन तथा जल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित रखने में प्लंबरों की तकनीकी दक्षता और मेहनत बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्लंबरों को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बेहतर तरीके से संचालित हो सके। उन्होंने सभी प्लंबरों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए जल जीवन मिशन को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
तकनीकी दक्षता से मजबूत होगी जलापूर्ति व्यवस्था - ई.ई.
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) चास के कार्यपालक अभियंता (ई.ई.) श्री राम प्रवेश राम ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में बड़ी संख्या में नल-जल योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की सफलता काफी हद तक प्लंबरों की तकनीकी दक्षता और तत्परता पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं पाइपलाइन में खराबी आती है या जलापूर्ति में समस्या होती है, तो प्लंबर ही सबसे पहले मौके पर पहुंचकर उसे ठीक करते हैं। इसलिए उनका कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी प्लंबरों से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से योजनाओं का निरीक्षण करते रहें और किसी भी तकनीकी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्लंबर सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान बेहतर कार्य करने वाले कई प्लंबरों को उपायुक्त, उप विकास आयुक्त तथा कार्यपालक अभियंता द्वारा साल ओढ़ाकर, पौधा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सभी को जल संरक्षण तथा स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारी/कर्मी, सहायक अभियंता/कनीय अभियंता, जल सहिया तथा बड़ी संख्या में प्लंबर उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन यूनिसेफ के प्रतिनिधि श्री घनश्याम साह ने किया।
22 मार्च तक मनाया जाएगा जल महोत्सव, तैयारियों को लेकर जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित
उधर, आगामी 22 मार्च तक जिले में जल महोत्सव मनाया जाना है। इसके सफल आयोजन को लेकर उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में संबंधित पदाधिकारियों के साथ जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की।
बैठक के दौरान जल महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आयोजित करने के लिए आवश्यक तैयारियों की समीक्षा भी की गई।
उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि जल महोत्सव के अंतर्गत आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा बेहतर ढंग से तैयार की जाए, ताकि जिले में जल संरक्षण, स्वच्छ पेयजल और जल जीवन मिशन से जुड़े संदेश आम लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि जल महोत्सव के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने तथा जल जीवन मिशन की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।





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