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ईद पूरे विश्व में खुशियां और* *सदभावना का संदेश लेकर आता है.... महबूब

ईद पूरे विश्व में खुशियां और* *सदभावना का संदेश लेकर आता है.... महबूब
 अल्लाह ने रमजान के 30 रोजे अपने बंदों पर फर्ज कर दिया अल्लाह के बंदे जो पूरे रमजान के रोजे रखने के बाद की खुशी में यह त्योहार मनाते हैं इसे इदुल फित्र कहते हैं या दिन अल्लाह के 
शुक्रगुजारी का दिन है इस दिन अल्लाह के बन्दे अपने रब से पूरी आस्था, एकजुटता के साथ अपने र का कृतज्ञता प्रकट करता है और खुशी के इस मौके पर अल्लाह के आगे नतमस्तक हो कर अपने और अपने परिवार के लिए क्षमा याचना करता है यह दिन हर धर्म जाति और समुदाय के बीच खुशी बाटनें का दिन है  ईद का दिन पूरे एक माह उपवास रखनें और कठोर तपस्या के बाद आती है दरअसल अल्लाह ने अपने बन्दों को परीक्षा की इस घड़ी को पूरी तैयारी करने के बाद खुशी का मौका देता है साथ में यह संदेश देता है कि मानव जीवन शांति और आपसी मेल मोहब्बत से ही सुखी रह सकता है ईद दुनिया के हर मुसलमान को एक कतार में खड़ा करता है और पूरे एक माह के उपवास के बाद प्रेम की मिशाल पेश करता है ईद सादगी का त्योहार है इस्लाम ढोल बाजा ताशा नाच गान और नशा को निषेध कर दिया और इस खुशी के मौके पर शत्रु को भी गले लगाने का हुकुम दिया है क्योंकि इस्लाम में हर दिखावा अर्थात नुमाइश को अल्लाह पसंद नहीं करता बल्कि गरीब, असहाय, मजबूर को दान देने तथा भूखों को खाना खिलाने पर जोर दिया है इस्लाम की इसी शिक्षा नें पूरे विश्व में इस्लाम का परचम लहराया
 प्रस्तुति महबूब आलम

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