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फोस्टर केयर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित-मिशन वात्सल्य के तहत बोकारो में हर बच्चे को मिलेगा परिवार और सुरक्षित भविष्य...

फोस्टर केयर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित-मिशन वात्सल्य के तहत बोकारो में हर बच्चे को मिलेगा परिवार और सुरक्षित भविष्य...

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" हर बच्चे को परिवार " के संकल्प को साकार करने की दिशा में बोकारो जिला लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के उ‌द्देश्य से आज दिनांक 25 मार्च, 2026 को कैंप 2 स्थित महिला छात्रावास भवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसके सफल क्रियान्वयन हेतु झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था (JSCPS), UNICEF तथा Center for Child Rights- NUSRL द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे कार्यक्रम की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति (CWC), DCPU, चाइल्डलाइन एवं विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों (CCI) के जिला स्तरीय पदाधिकारियों और कर्मी शामिल हुए। इस प्रशिक्षण में फोस्टर केयर से संबंधित सभी प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।

बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा श्रीमती लीलावती देवी ने कहा कि बोकारो जिले के ऐसे सभी बच्चे जो परिवार के प्यार और अपनापन से वंचित हैं, उन्हें अब फोस्टर केयर के माध्यम से परिवार और सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा।

जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती अनीता झा ने सभी संबंधित विभागों एवं आम जनता से अपील की कि वे ऐसे बच्चों की पहचान करने और उन्हें परिवार से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि कोई भी बच्चा परिवार के स्नेह से वंचित न रहे।

कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक श्री अनुराग मेहता (मेंटॉर, फोस्टर केयर) रहे, जबकि उन्मुखीकरण सत्र का संचालन बिनय कुमार बिश्वास, जिला तकनीकी विशेषज्ञ (UNICEF - CCR) के द्वारा किया गया। उन्होंने फोस्टर केयर की प्रक्रिया, पात्रता, चयन प्रक्रिया तथा आफ्टर केयर के अंतर्गत बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़ने के पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे :-

फोस्टर माता-पिता बनने की पात्रता-

विवाहित/अविवाहित/एकल/विधवा/तलाकशुदा व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं।

आवश्यक शर्तें - झारखंड का निवासी, शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ, भावनात्मक रूप से सक्षम, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर तथा किसी भी आपराधिक रिकॉर्ड से मुक्त होना आवश्यक है।

आयु सीमा - दंपत्ति के लिए संयुक्त आयु 70-115 वर्ष तथा एकल अभिभावक के लिए 35-60 वर्ष निर्धारित।

पात्र बच्चे- ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हैं, या जो परित्यक्त, अनाथ, बाल श्रमिक, बाल विवाह, तस्करी, शोषण या HIV/AIDS से प्रभावित हैं।

आवश्यक दस्तावेज- निवास प्रमाण, आय प्रमाण, वैवाहिक स्थिति प्रमाण, पहचान पत्र, संदर्भ पत्र, जन्म प्रमाण आदि।

आर्थिक सहायता- ₹8 लाख से कम वार्षिक आय वाले फोस्टर माता-पिता को प्रति बच्चा ₹4000 प्रति माह की सहायता प्रदान की जाती है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को योजना की गहन समझ प्रदान करना था, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को संस्थागत जीवन के बजाय पारिवारिक माहौल में बेहतर देखभाल मिल सके। विशेषज्ञों ने बताया कि फोस्टर केयर बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम है, जो उन्हें भावनात्मक सुरक्षा, सामाजिक स्वीकृति और बेहतर भविष्य प्रदान करता है।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए जमीनी स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया। सभी ने समुदाय में जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक बच्चों को इस योजना से जोड़ने का भरोसा दिलाया। बोकारो जिले में बच्चों के सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और सम्मानजनक भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में उभर कर सामने आई है।

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