बेस लाइन सर्वे के लिए संबंधित विभाग ससमय उपलब्ध कराएं डाटा : उपायुक्त
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गरगा नदी एवं अन्य जल स्रोतों को प्रभावित करने वाले कारणों को चिन्हित करने का दिया निर्देश, नदियों और जल स्रोतों को अपने बेटे-बेटियों की तरह सम्मान देने की अपील
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राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान (एनआईयूए) एवं नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) के सहयोग से गंगा रिवर बेसिन के अंतर्गत आने वाले देश के 60 शहरों के लिए अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (यूआरएमपी) तैयार किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत चास शहर को भी शामिल किया गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को चास शहर के लिए यूआरएमपीएस तैयार करने को लेकर समाहरणालय में मल्टी स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा ने की।
समयबद्ध रूप से डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान तैयार करने के लिए किए जा रहे बेस लाइन सर्वे के तहत मांगी गई सूचनाएं और आवश्यक डाटा निर्धारित समय सीमा के भीतर एजेंसी को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़े इस योजना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समय पर जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजना निर्माण की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं हो।
नदी प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा
बैठक में नदी प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसमें फ्लड प्लान, डेवलपमेंट प्लान/मास्टर प्लान, वर्तमान स्थिति (करेंट सिनेरियो), रिवर जोन की पहचान, लिक्विड एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सीवरेज प्लान, तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
साथ ही गरगा नदी एवं अन्य जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए उन कारणों और सामग्रियों को चिन्हित करने पर जोर दिया गया, जो इन जल स्रोतों को प्रदूषित या प्रभावित कर रहे हैं। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि इन कारणों की पहचान कर उनके प्रभावी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
जल स्रोतों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता
उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने कहा कि नदियां और जल स्रोत हमारे पर्यावरण एवं जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमें अपने आसपास के नदियों और जल स्रोतों को अपने बेटे-बेटियों की तरह सम्मान देना चाहिए तथा उनकी स्वच्छता और संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कार्य करना चाहिए।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अपर नगर आयुक्त (एएमसी) चास श्री संजीव कुमार, वन पदाधिकारी श्री संदीप शिंदे, नमामि गंगे के नोडल पदाधिकारी श्री शक्ति कुमार, कार्यपालक अभियंता विशेष प्रमंडल श्री राजू मरांडी, अंचलाधिकारी चास श्री राम सेवा राम, जिला खेल पदाधिकारी श्रीमती हेमलता बून, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता श्री राम प्रवेश राम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी श्री अविनाश कुमार सिंह, दामोदर बचाव समिति के सदस्यगण सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।






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