मो० शबा की रिपोर्ट
तेनुघाट ---- माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रथम बेरमो मुख्यालय तेनुघाट की अदालत ने मंजीत उर्फ मनसा के हत्या के आरोपी करण कुमार, राजू कुमार, राहुल ठाकुर, रेनूका देवी एवं विनोद भुइयां को साक्ष्य के अभाव में रिहाई का आदेश दिया। ज्ञात हो कि इस केस की सूचिका रेणुका देवी के लिखित आवेदन के आधार पर बेरमो थाना कांड संख्या 30/2022 भादवि की धारा 302, 201 के तहत प्राथमिकी दिनांक 01.03. 2022 को दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में सुचिका रेणुका देवी ने बताया था कि दिनांक 01.03.2022 को सुबह उसके पति के फोन पर सूचना दी गई की उसके पति मंजीत उर्फ मनसा को ढोरी केन्द्रीय अस्पताल पहुंचा दिया गया है तथा उनकी बाइक गांधीनगर थाना में है।जानकारी मिलने पर जब सूचिका ढोरी केन्द्रीय अस्पाल पहुंची तो उसके पति मृत अवस्था में मिले। उसे जानकारी दी गई किउसके पति को बारी ग्राम के निकट मुख्य पथ से उठाकर ढोरी केन्द्रीय अस्पताल पहुँचाया गया था। जबकि भतीजा शिव कुमार पातर ने बताया था कि डी.भी. सी. बेरमो माइन्स के खेल मैदान में उनका चप्पल एवं जमीन पर खून गिरा था। संदेह के आधार पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। बाद में गवाहों के बयान से पता चला कि करण कुमार मृतिका के घर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने जाता था उसी दरम्यान सूचिका से प्रेम संबंध हो गया। इसी आधार पर पुलिस करण कुमार को गिरफ्तार की।
जिसने अपना स्वीकारोक्ति बयान में अपना जुर्म कबुलु किया तथा इस घटना को कारित करने में अपने भाई राजू कुमार तथा मित्र विनोद भुइयां राहुल ठाकुर के शामिल होने की बात बताया। स्वरोक्ति बयान में उसने यह भी बताया कि रेणुका देवी इस घटना को अंजाम देने के लिए अपना एटीएम कार्ड दी। जिससे घटना के पूर्व तीस हजार रुपए निकाल कर सभी आपस में बांट लिए तथा रेणुका देवी के द्वारा घटना में प्रयुक्त टांगी देने की बात को स्वीकार किया गया। इस आधार पर रेणुका देवी को भी मुदालय बनाया गया तथा सभी अभियुक्तो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप पत्र समर्पित होने के पश्चात सत्रवाद संख्या 286/2022 मामला जिला जज प्रथम के न्यायालय में आया। जहां अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 8 गवाह प्रस्तुत किया गए।
सारे गवाहों के बयान एवं केस रिकॉर्ड में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर माननीय अपर सत्र न्यायाधीश साक्ष्य के अभाव में सभी पांचों अभियुक्तों को आज दिनांक 15/04/2026 को रिहाई का आदेश दिया किया गया। इस वाद में अभियुक्तों की ओर से बहस अधिवक्ता रितेश कुमार जायसवाल ने की।



0 Comments