माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं माननीय झालसा, रांची के निर्देशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय परिसर गिरिडीह में जिला स्तरीय कंसल्टेशन प्रोग्राम ऑन इफेक्टिव इंप्लीमेंटेशन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस (पोक्सो) एक्ट- 2012 विषय पर इसके सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
गिरिडीह ----- आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभारी सह अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह गोपाल पांडेय, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश- अष्टम यशवंत प्रकाश, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गिरिडीह अशोक कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह सौरव कुमार गौतम एवं प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी किशोर न्याय बोर्ड गिरिडीह सीमा कुमारी मींज के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के बारे में विषय प्रवेश करवाते हुए सचिव महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह सौरव कुमार गौतम ने आज के इस कार्यशाला में समाहित किए गए विषयों के तथा पोक्सो अधिनियम के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी प्रदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष महोदय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह गोपाल पांडेय ने कहा कि पोक्सो एक्ट को सही तरीके से लागू करने के लिए तथा बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने के लिए इसके सभी स्टेकहोल्डर्स को भी संवेदनशील होकर कार्य करने की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए माननीय नालसा, नई दिल्ली एवं माननीय झालसा, रांची के द्वारा आज पुनः एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसमें मुख्य तौर पर बच्चों के संपर्क में रहने वाले विभिन्न सरकारी एजेंसियों जैसे, जिला प्रशासन के कार्यपालक पदाधिकारीयों, डॉक्टर्स शिक्षा विभाग के पदाधिकारी एवं शिक्षकों, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों, अनुसंधानक पुलिस पदाधिकारियों, विद्वान अधिवक्ताओं, पारा लीगल वॉलिंटियर्स इत्यादि को संवेदनशील बनाकर कर इस दिशा में कार्य करने हेतु जागरुक किया जाना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। बच्चे हमारे देश के भविष्य होते हैं और उन्हें सभी प्रकार के अपराधों खासतौर पर लैंगिक अपराधों से बचाने के लिए हम सभी को सदैव ही अति संवेदनशील होकर के कार्य करने की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में को संबोधित करते हुए यशवंत प्रकाश, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायधीश अष्टम सह विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम गिरिडीह के द्वारा पोक्सो केस के जांच में पुलिस पदाधिकारियों, चिकित्सकों, विशेष लोक अभियोजक, प्रोबेशन पदाधिकारी एवं अन्य सपोर्ट पर्सन की भूमिका तथा उनके क्षमता संवर्धन के बारे में जानकारी प्रदान किया गया। इस दौरान उन्होंने पोक्सो अधिनियम में इन सभी संबंधित पदाधिकारियों के लिए दिए गए निर्देशों को उन्हें बतलाया तथा जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के इस्तेमाल के लिए उन्हें प्रेरित किया। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गिरिडीह अशोक कुमार ने पोक्सो विक्टिम के पुनर्वास एवं री-इंटीग्रेशन तथा उस में आने वाली चुनौतियां इत्यादि के बारे में सभी प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान किया। सुश्री सीमा कुमारी मींज प्रधान दंडाधिकारी किशोर न्याय बोर्ड गिरिडीह के द्वारा बाल मैत्री न्यायिक प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान किया गया। जिसमें बालकों के लिए पोक्सो अधिनियम एवं किशोर न्याय अधिनियम में किए गए महत्वपूर्ण प्रावधानों जानकारी दी गई। सचिव महोदय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह सौरव कुमार गौतम के द्वारा पोक्सो अधिनियम के तहत पीड़ितों के पुनर्वास के लिए दंड प्रक्रिया संहिता 357 A के तहत प्रदान किए जाने वाले विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के बारे में जानकारी प्रदान किया एवं कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह निरंतर इस प्रकार के पीड़ितों के लिए कार्य कर रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, के माध्यम से जिले के विद्यालयों में संचालित कूल 35 लीगल लिटरेसी क्लबों के माध्यम से निरंतर बच्चों को छोटी-छोटी कानूनी जानकारियों के बारे में जागरूक किया जाता है। इसमें पोक्सो एक्ट अधिनियम, इव टीजिंग, बाल विवाह इत्यादि ज्वलंत एवं स्थानीय मुद्दों के बारे में भी छात्र-छात्राओं को जागरूक कर उन्हें मूलभूत कानूनी जानकारियां प्रदान की जाती हैं। विभिन्न विधिक सहायता केंद्रों के माध्यम से भी पारा लीगल वॉलिंटियर्स के द्वारा तथा माननीय झालसा, रांची के निर्धारित कैलेंडर के तहत महत्वपूर्ण तिथियों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आम लोगों के साथ-साथ बच्चों को भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने सभी उपस्थित प्रतिभागियों से कहा कि आप अपने आसपास किसी बच्चे के विरुद्ध लैंगिक अपराध एवं अन्य अपराध को होते देखते हैं तो इसकी सूचना पुलिस प्रशासन के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह को भी अनिवार्य रूप से दें, ताकि उनके पुनर्वास एवं अन्य विधिक सहायता उन्हें त्वरित रूप से प्राप्त कराया जा सके। यह कार्यक्रम अपने निर्धारित समय तक संचालित किया गया। आज के इस कार्यक्रम में गिरिडीह न्याय मंडल से यशवंत प्रकाश, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अष्टम सह विशेष न्यायाधीश पोक्सो अशोक कुमार, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सीमा कुमारी मिंज, प्रधान दंडाधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड गिरिडीह, सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण, जिला कार्यपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, पुलिस प्रशासन के पदाधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ से विद्वान अधिवक्तागण, वरिष्ठ चिकित्सकगण, जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिडीह नीलम एलीन टोप्पो, जिला शिक्षा अधीक्षक गिरिडीह विनय कुमार, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, पुलिस विभाग से प्रतिनियुक्त उप निरीक्षकों, बाल कल्याण समिति गिरिडीह के अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिन्हा, पारा लीगल वॉलिंटियर्स, न्यायिक कर्मचारी गण उपस्थित थे।


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