■ छोटे बच्चे कम आयु से ही तम्बाकू का उपयोग करना शुरू कर देते है तो उनका तम्बाकू छुडवाना काफी मुश्किल होता है- नोडल पदाधिकारी एन०टी०सी०पी०....
■ DAV सेक्टर-6 स्कूल बोकारो में तम्बाकू के दुष्प्रभाव विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत स्कूल के प्रधानाचार्य बृजमोहन लाल दास की अध्यक्षता में की गई।
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बोकारो :- आज दिनांक 25 जुलाई, 2023 को DAV सेक्टर-6 स्कूल बोकारो में तम्बाकू के दुष्प्रभाव विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत स्कूल के प्रधानाचार्य बृजमोहन लाल दास की अध्यक्षता में की गई। कार्यक्रम में जिला परामर्शी मो० असलम द्वारा सभी बच्चों को तम्बाकू के दुष्परिणाम, तम्बाकू में पाये जाने वाले जहरीले तत्व, तम्बाकू प्रयोग से स्वास्थ्य पर दीर्घ अवधी परिणाम, Second hand Smoke व उससे होने वाले नुकसान, तम्बाकू नशा मुक्ति केन्द्र व तम्बाकू छोड़ने के उपाय, परामर्शी सेवा लेने की सुविधा, टाल फ्री नम्बर 1800-11-2356 एवं तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के मुख्य बिन्दुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला परामर्शी के अनुसार झारखण्ड के अन्दर 38.9 प्रतिशत लोग तम्बाकू का उपयोग किसी न किसी रूप में करते है जिसमें 59.7 प्रतिशत पुरूष, 17 प्रतिशत महिलायें एवं Global Youth Tobacco Survey-2019, GYTS-4 के अनुसार 5.1 प्रतिशत बच्चे ऐसे है जो सिर्फ 13-15 आयु में तम्बाकू का उपयोग करना शुरू कर देते है। जिला परामर्शी द्वारा बताया गया कि सभी कक्षाचार्य को अनुरोध किया गया कि सप्ताह में किसी एक दिन सभी बच्चों की जांच की जाये कि कही कोई बच्चा तम्बाकू का उपयोग तो नहीं कर रहा है। यदि कोई बच्चा तम्बाकू का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है तो पहले उसको परामर्शी सेवा स्कूल स्तर पर देनी चाहिए और यदि जरूरत पड़े तो तम्बाकू नशा मुक्ति केन्द्र सदर अस्पताल की भी सहायता लिया जा सकता है जहां पर परामर्शी सेवा के साथ साथ सभी प्रकार की जांच भी मुफ्त में की जाती है।
■ छोटे बच्चे कम आयु से ही तम्बाकू का उपयोग करना शुरू कर देते है तो उनका तम्बाकू छुडवाना काफी मुश्किल होता है-
डा० सेलिना टूडू नोडल पदाधिकारी एन०टी०सी०पी० के द्वारा बताया गया कि तम्बाकू में पाया जाने वाला निकोटीन जब हमारे दिमाग के अन्दर जाता है तो वहा से डोपामिन केमिकल निकलता है जिसका काम ही है अच्छा महसूस कराना है। ऐसे में जब छोटे बच्चे कम आयु से ही तम्बाकू का उपयोग करना शुरू कर देते है तो उनका तम्बाकू छुडवाना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में हम सभी शिक्षण संस्थान के शिक्षको से अनुरोध करना चाहते है कि तम्बाकू मुक्त समाज बनाने के लिये हमें आगे आना होगा और लगातार बच्चो को तम्बाकू के दुष्परिणाम से अवगत कराते रहना होगा।
कार्यक्रम में डा० प्रशान्त कुमार मिश्रा मनोचिकित्सक सदर अस्पताल बोकारो जिला परामर्शी मो० असलम तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम, सोशल वर्कर छोटेलाल दास, विद्यालय के शिक्षक, स्टाफ व बच्चे उपस्थित थे।


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