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बगान, हरम् रोड में तन मन का स्वास्थय एवं हैप्पीनैस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
(आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र)
चौधरी बगान, हरित भवन के सामने हरमू रोड, रॉची-834001

मो0 सं-09430142547, 8340645941 ई मेल ranchi@bkivv.org

रॉँची-आज प्रजापिता ब्रह्माकूमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवा केन्द्र चौधरी
बगान, हरम् रोड में तन मन का स्वास्थय एवं हैप्पीनैस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
ब्रह्माकुमारी केन्द्र संचालिका ब्रह्माकृुमारी निर्मला बहन ने कहा कि स्व चिंतन के वजाय आज हम
परचिंतन कर रहे हैं, यह हमारे दुखः और तनाव का मूल कारण है। कौन क्या कर रहा है, क्यों
कर रहा है हम इसी में उलझे हुए हैं। हम संकल्प ले न किसी की बराई सुनना है, देखना है
और न ही उसका वर्णन करना है। मेडिटेशन अर्थात् ध्यान (राजयोग) के माध्यम से हम परचिंतन
को छोड़ स्वचिंतन, आत्म चिंतन की दिशा में मुड़ सकते हैं। राजयोग ध्यान से सोच में
सकारात्मक बदलाव आता है जिसके स्वभाविक असर से हमारा जीवन हमेशा के लिए बदल
जाता है। राजयोग द्वारा मनुष्य का मानसिक तनाव दूर होता है, मन को शांति मिलती है और
मस्तिष्क को तथा शरीर को भी आराम मिलता है।

मुख्य अतिथि के रूप में अपने उदगार में सुभाष चन्द्र गर्ग, डी जी एम, नाबार्ड ने कहा
मौजूदा वातावरण एवं जीवनशैली में स्वयं को शांत एवं तनाव मुक्त रखते हुए सभी को खुशनुमा
जीवन जीने के तरीके जैसे अनेक जटिल विषयों को बड़ी ही सरलता सहजता से समझाते हुए
कहा कि जहां भगवान से कनेक्शन होता है लूज वहां ही हम हो जाते हैं कन्फ्यूज। जब नहीं
होता है भगवान से कनेक्शन तभी होता है टेन्शन। इसलिए अगर भगवान से कनेक्शन हो टाइट
तो हर कार्य होगा राइट। परमात्मा से ठीक होगा कनेक्शन तो लोगों से भी ठीक होगा रिलेशन।
तनाव मुक्ति के कुछ टिप्स बताते हुए उन्होंने कहा जीवन की हरेक घटना में किसी न किसी
रूप से लाभ होता है। सदा लाभ के बारे में ही सोचें। आज का दिन आपके हाथ में है आज
आप रचनात्मक कार्य करेंगे तो कल की गलती मिट जायगी और भविष्य में भी लाभ होगा।
अपनी तुलना अन्य से न करें। आपका निन्दक आपका मनोचिकित्सक है। एक समस्या को एक
समय सुलझायें। दूसरों का सहयोगी बनें। दृष्टिकोण बदली करें दुख सुख में बदल जायेगा। जो
बात नहीं बदल सकती उसके बारे में न सोचें । सुष्टि नाटक में हरेक अभिनेता है। किसी के
अभिनय से प्रभावित न हों। बदला न लें स्वियं को बदल लें। उन्होनें कहा राजयोग से मानसिक
तनाव, उलझन, अशांति व रोगों से मुक्ति मिलती है। आत्मिक संतुष्टि, एकाग्रता, दृढता निर्णय
एवं परखने की शक्ति में वृद्धि होती है। यह योग कुछ क्षणों का नहीं है बल्कि जीवन को श्रेष्ठ,
दिव्य आदर्शमय बनाने का सुगम मार्ग है। एकाग्रता व ईश्वरीय दुआओं की तभी आवश्यकता
होती है जब जीवन तनाव ग्रस्त हो। ज्ञातब्य हो चौधरी बगान, हरमू रोड, ब्रह्माकुमारी केन्द्र में
प्रतिदिन निःशुल्क ज्ञन-योग कार्यक्रम उपलब्ध है। इस अवसर पर तन मन का स्वास्थय एवं
हैप्पीनैस व्यायाम कराया गया।

नया युग आध्यात्मिक युग होगा

मानवता की सेवा में

(ब्रह्माकुमारी निर्मला)
केन्द्र प्रशासिका

पवित्रता ही सुख शान्ति की जननी है हर कीमत पर इसकी रक्षा करना अपना सर्वप्रथम कर्त्तब्य है।

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