हर घर में जागे महिला सशक्तिकरण की रोशनी, हर दिन बने वुमन डे: डीडीसी
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उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने कहा- बेटियों को बनाएं आकांक्षी और हर परिवार में लिंग समानता का संदेश फैलाएं
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने अपने संबोधन में कहा कि घरों में सभी सदस्यों बेटा - बेटी, ननद आदि को महिलाओं को प्रेरित करना चाहिए कि वे आकांक्षी और सशक्त बनें। उन्होंने कहा कि बच्चों को यह समझाना बेहद जरूरी है कि मम्मी केवल रोटी बनाने के लिए नहीं हैं और पापा केवल पैसे कमाने के लिए नहीं हैं।
डीडीसी ने जोर देकर कहा कि मुखिया पति जैसे प्रवृत्तियों को समाप्त करना होगा और हर दिन हर घर में महिलाओं के योगदान का सम्मान करते हुए वुमन डे सेलिब्रेट करना चाहिए।
उन्होंने परिवार और समाज से अपील की कि वे बेटियों को उनके सपनों और अधिकारों के लिए प्रेरित करें और महिलाओं के महत्व को हर कदम पर महसूस कराएं।
उनका संदेश था कि महिला सशक्तिकरण केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि हर घर में रोजाना निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है, जिससे समाज और आने वाली पीढ़ियां समानता और सम्मान की भावना के साथ बड़े हों।





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