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जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस स्वीकृत

जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस स्वीकृत

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गोपनीय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने सोमवार को जिला स्तरीय तकनीकी समिति (डीएलटीसी) की बैठक की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस को जिला स्तर पर अनुमोदित किया गया।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि स्केल ऑफ फाइनेंस को पूर्व में दिनांक 06 अप्रैल 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) की बैठक में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार इसे जिला स्तर पर औपचारिक रूप से पारित किया गया।

किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने में सहायक

बैठक में बताया गया कि स्केल ऑफ फाइनेंस एक मानक लागत है, जिसके आधार पर किसानों को विभिन्न फसलों एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इससे किसानों को समय पर एवं पर्याप्त वित्तीय सहायता सुनिश्चित होती है।

फसल विविधीकरण एवं उच्च मूल्य फसलों पर जोर

बैठक के दौरान वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न फसलों की लागत निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने एवं उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।

सब्जी उत्पादन एवं पशुपालन को बढ़ावा देने के निर्देश

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु विशेष अभियान चलाया जाए तथा किसानों को इसके प्रति जागरूक किया जाए। इसके साथ ही देशी गाय के पालन को प्रोत्साहित करने एवं अंडा उत्पादन हेतु मुर्गी पालन (लेयर पालन) के विस्तार पर भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

पलाश एवं लाह उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल

बैठक में जिले में पलाश की खेती नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। इस पर निर्णय लिया गया कि उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में वन विभाग, कृषि विभाग एवं नाबार्ड के साथ समन्वय स्थापित कर पलाश एवं लाह उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु नामकुम स्थित गोंद एवं राल अनुसंधान संस्थान का भ्रमण किया जाएगा तथा एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

मत्स्य उत्पादन में वृद्धि का भी दिया निर्देश

जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निर्देश दिया गया कि उपलब्ध 1711 सरकारी तालाबों का उपयोग कर मछली उत्पादन में वृद्धि की जाए, जिससे जिले की मांग की पूर्ति स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित की जा सके।

मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन

बैठक में मधुमक्खी पालन को जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (डीएमएफटी) मद से बढ़ावा देने हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

समग्र कृषि योजना तैयार करने पर बल

उपायुक्त महोदय ने निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले का समग्र कृषि योजना तैयार की जाए, जिसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास हेतु स्पष्ट रणनीति निर्धारित की जाए।

समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी मो. शाहिद, जिला पशुपालन सह गव्य विकास पदाधिकारी डॉ. असीम, जिला मत्स्य पदाधिकारी श्रीमती नीलम एक्का, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री फिलमोन बिलोंग, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) मो. आबीद हुसैन एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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