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फोस्टर केयर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित

फोस्टर केयर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित....

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मिशन वात्सल्य के तहत बोकारो में हर बच्चे को मिलेगा परिवार और सुरक्षित भविष्य....

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" हर बच्चे को परिवार " के संकल्प को साकार करने की दिशा में बोकारो जिला लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में आज दिनांक 22 अप्रैल, 2026 को मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत चंदनकियारी पश्चिम पंचायत भवन में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसके सफल क्रियान्वयन हेतु झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था (JSCPS), UNICEF तथा सेंटर फॉर चाइल्ड राइट्स-NUSRL द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे कार्यक्रम की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रशिक्षण के दौरान फोस्टर केयर से संबंधित सभी प्रमुख पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में JSLPS चंदनकियारी प्रखंड के सभी कर्मी, जेंडर CRP एवं CC IPRP शामिल हुए।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में JSLPS के BPM श्री प्रभात जी एवं उनकी टीम की अहम भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में ही इस प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिससे कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से सुनिश्चित हो सका।

कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक श्री अनुराग मेहता (मॅटॉर, फोस्टर केयर) रहे, जबकि उन्मुखीकरण सत्र का संचालन बिनय कुमार बिश्वास, जिला तकनीकी विशेषज्ञ (UNICEF-CCR) द्वारा किया गया। उन्होंने फोस्टर केयर की प्रक्रिया, पात्रता, चयन प्रक्रिया तथा आफ्टर केयर के अंतर्गत बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की।

प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे-

फोस्टर माता-पिता बनने की पात्रताः विवाहित/अविवाहित/एकल/विधवा/तलाकशुदा व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं।

आवश्यक शर्तेंः आवेदक का झारखंड का निवासी होना, शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ, भावनात्मक रूप से सक्षम, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर तथा किसी भी आपराधिक रिकॉर्ड से मुक्त होना आवश्यक है।

आयु सीमाः दंपत्ति के लिए संयुक्त आयु 70-115 वर्ष तथा एकल अभिभावक के लिए 35-60 वर्ष निर्धारित है।

पात्र बच्चेः ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हैं या जो परित्यक्त, अनाथ, बाल श्रमिक, बाल विवाह, तस्करी, शोषण या HIV/AIDS से प्रभावित हैं।

आवश्यक दस्तावेजः निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, वैवाहिक स्थिति प्रमाण, पहचान पत्र, संदर्भ पत्र एवं जन्म प्रमाण पत्र आदि।

आर्थिक सहायताः ₹8 लाख से कम वार्षिक आय वाले फोस्टर माता-पिता को प्रति बच्चा ₹4000 प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जाती है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य :

प्रतिभागियों को योजना की गहन समझ प्रदान करना था, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय पारिवारिक माहौल में बेहतर संरक्षण मिल सके। विशेषज्ञों ने बताया कि फोस्टर केयर बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक प्रभावी माध्यम है, जो उन्हें भावनात्मक सुरक्षा, सामाजिक स्वीकृति और बेहतर भविष्य प्रदान करता है।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए जमीनी स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागियों ने समुदाय में जागरूकता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को इस योजना से जोड़ने का भरोसा दिलाया।

यह पहल बोकारो जिले में बच्चों के सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं सम्मानजनक भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सशक्त कदम के रूप में उभरकर सामने आई है।

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