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प्रकृति संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी, स्वच्छता अभियान रहेगा निरंतर: उपायुक्त

प्रकृति संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी, स्वच्छता अभियान रहेगा निरंतर: उपायुक्त

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जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संकल्प लें,आदिवासी भावना अपनाकर प्रकृति की करें रक्षा

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नमामि गंगे के तहत मेगा स्वच्छता अभियान का भव्य समापन, वाकाथान एवं व्यापक सफाई कार्यक्रम आयोजित

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नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत बुधवार को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से 14 अप्रैल से जिले में मेगा स्वच्छता अभियान प्रारंभ किया गया था। यह अभियान बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ।

वाकाथान से दिया गया स्वच्छता का संदेश

समापन दिवस पर उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता (एसी) मो. मुमताज अंसारी, चास नगर निगम के मेयर श्री भोलू पासवान एवं उप मेयर श्रीमती पूजा कुमारी सहित अन्य जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने गुब्बारे उड़ाकर बोकारो एयरपोर्ट से गरगा पुल तक वाकाथान का शुभारंभ किया।

गरगा नदी तट पर चला विशेष सफाई अभियान

वाकाथान के उपरांत गरगा नदी तट पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान उपायुक्त, उप विकास आयुक्त सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वयं झाड़ू उठाकर श्रमदान किया।

सफाई मित्रों एवं संगठनों का सम्मान

अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले सफाई मित्रों, लायंस क्लब, दामोदर बचाओ आंदोलन सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

अभियान निरंतर जारी रखने का आह्वान

मौके पर उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मेगा स्वच्छता अभियान का शुभारंभ हुआ था और आज विश्व पृथ्वी दिवस पर इसका समापन हो रहा है। यह अभियान समाप्त नहीं हो रहा है, बल्कि इसे नियमित रूप से जारी रखना है।

गंगा दशहरा पर गरगा महोत्सव का आयोजन

उन्होंने कहा कि आने वाले गंगा दशहरा पर गरगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी घरों से लोग शामिल होंगे।

पृथ्वी संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी

उन्होंने कहा कि यदि प्रकृति को बचाना है, तो हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हम सभी मानते हैं कि सौरमंडल में सूर्य केंद्र में है और कई ग्रह परिक्रमा कर रहे है परंतु जीवन केवल पृथ्वी पर ही संभव है। इस कारण पृथ्वी का महत्व सर्वोपरि है और इसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

आदिवासी जीवनशैली से लें प्रेरणा, प्रकृति संरक्षण का संदेश

उपायुक्त ने कहा कि बिरसा मुंडा ने कम आयु में अपने प्राण त्याग दिए, लेकिन आज भी उन्हें धरती आबा के रूप में याद किया जाता है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का जीवन जल, जंगल और जमीन से जुड़ा हुआ है तथा वे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए जाने जाते हैं।

उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम भी अपने भीतर आदिवासी भावना और आदिवासियत के गौरव को आत्मसात करें, ताकि प्रकृति संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बना सकें।

व्यक्तिगत जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता पर जोर

उन्होंने कहा कि हम सभी इस धरती पर सांस ले रहे हैं, इसलिए इसे सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य* है। हमें यह समझना होगा कि हम अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किस प्रकार कर रहे हैं।

पौधारोपण एवं प्लास्टिक मुक्त बोकारो का लक्ष्य

उपायुक्त ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में जिले में दो से तीन लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है तथा बोकारो को प्लास्टिक कचरे से मुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा।

वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाने के निर्देश

उन्होंने कहा कि इस वर्ष होने वाली वर्षा के जल को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। हर गांव का पानी गांव में, स्कूल का पानी स्कूल परिसर में तथा अपार्टमेंट का पानी उसी परिसर में संरक्षित किया जाएगा।

इसके लिए वर्षा जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। जहां इसकी व्यवस्था नहीं है, वहां पहले जागरूक किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ

इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई, जिसका सभी ने सामूहिक रूप से दोहराव किया -

मैं अपने क्षेत्र के दामोदर - गरगा नदी/विभिन्न जल स्रोतों तटीय स्थान को साफ-सुथरा रखूँगा एवं यहाँ रहने वाले लोगों को भी गंगा स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करूँगा।

मैं दामोदर/गरगा में कूड़ा - कचरा व पॉलिथिन नहीं डालूँगा ।

मैं पर्यावरण संरक्षण के लिए "सिंगल यूज प्लास्टिक" का प्रयोग नहीं करूँगा।

मैं हमेशा कपड़े के थैले का प्रयोग करूँगा ।

मैं अपने घर के गंदे पानी के निपटान के लिए सोख्ता गड्ढा बनवाऊँगा ।

मैं दामोदर - गरगा नदी/विभिन्न जल स्रोतों में बची हुई पूजा सामग्री व केमिकल से बनी हुई मूर्तियाँ विसर्जित नही करूँगा।

मैं बची हुई पूजा सामग्री को पौधों के लिए खाद के रूप में प्रयोग में लाऊँगा ।

मैं खुले में शौच के स्थान पर शौचालय का प्रयोग करूँगा।

उधर, आप अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे क्षेत्रों को चिन्हित कर नियमित सफाई से बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

चास नगर निगम के मेयर श्री भोलू पासवान ने कहा कि गंदगी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता बेहद जरूरी है तथा प्रत्येक नागरिक को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए।

चास नगर निगम, उप मेयर श्रीमती पूजा कुमारी ने कहा कि स्वच्छता अभियान को घर-घर तक पहुँचाना आवश्यक है।

कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे के नोडल पदाधिकारी श्री शक्ति कुमार ने किया।

जनभागीदारी से सफल हुआ अभियान

कार्यक्रम में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित बोकारो के निर्माण का संकल्प लिया।

मौके पर डीएलओ श्री द्वारिका बैठा, डीपीआरओ श्री रवि कुमार, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी श्री राम प्रवेश राम, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री अतुल कुमार चौबे, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह,सिविल डिफेंस,चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, लायंस क्लब,रोटरी क्लब के प्रतिनिधि विभिन्न प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।


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