संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी) भर्ती प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षाः अलर्ट रहे - कोई भी एसओपी के बाहर काम नहीं करेगाः उपायुक्त
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एसओपी में सभी अपने – अपने दायित्वों को पढ़े और उसका सही से निर्वहन करें, झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परीक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) से कराया गया सभी को अवगत
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दंडाधिकारी – पुलिस पदाधिकारी समन्वय के साथ परीक्षा का सफल संचालन करें – मुख्यालय डीएसपी
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शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हाल) सभागार में संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी) भर्ती प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के सभी केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारी – पुलिस पदाधिकारी को उपायुक्त ने किया संबोधित
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जिले के कुल 29 केंद्रों में 14,208 अभ्यर्थी सीसीटवी की निगरानी में देंगे परीक्षा, बायोमैट्रिक उपस्थिति होगी दर्ज
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आगामी 19 अप्रैल 2026 को झारखंड लोक सेवा आयोग अंतर्गत संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी) भर्ती प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के सफल, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) सभागार में महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा ने की, जिसमें जिले के सभी परीक्षा केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
एसओपी का सख्ती से पालन करने के निर्देश
उपायुक्त ने सभी केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का गहन अध्ययन कर प्रत्येक बिंदु का अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य एसओपी के बाहर नहीं होना चाहिए तथा सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और सतर्कता से करें।
कक्ष में अनुशासन बनाए रखने पर जोर
उपायुक्त ने केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार की अनावश्यक बातचीत नहीं हो। उन्हें वीक्षकों को निर्देशित करने को कहा गया कि वे परीक्षा के दौरान पूर्ण अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि पिछली गलतियों से सीख लेकर स्मार्ट तरीके से कार्य करें।
होटल एवं लॉज में विशेष छापेमारी अभियान
परीक्षा में कदाचार की संभावनाओं को समाप्त करने के लिए मुख्यालय डीएसपी को निर्देश दिया गया कि परीक्षा से पूर्व जिले के सभी होटल, लॉज एवं ठहराव स्थलों पर विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए। इसका उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना एवं किसी भी साजिश को विफल करना है।
दंडाधिकारी–पुलिस समन्वय से होगी सख्त निगरानी
मौके पर मुख्यालय डीएसपी श्री अनिमेश गुप्ता ने कहा कि परीक्षा के दौरान कदाचार रोकने के लिए दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। बिना अनुमति किसी भी प्रकार के मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
जिले में 29 केंद्रों पर 14,208 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
जिले में कुल 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 14,208 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी तथा प्रत्येक अभ्यर्थी की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी।
सुरक्षा एवं प्रवेश व्यवस्था के विशेष निर्देश
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों के गेट समय पर खोले जाएंगे। प्रवेश से पूर्व पहचान पत्र की सघन जांच होगी तथा फ्रिस्किंग की व्यवस्था रहेगी। महिला अभ्यर्थियों के लिए महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास आवश्यक कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे।
बैठक के अंत में उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने सभी अधिकारियों से टीम वर्क के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं कदाचारमुक्त होनी चाहिए ताकि जिले की छवि बेहतर बने।
मौके पर अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी व एनडीसी श्री प्रभाष दत्ता ने भी परीक्षा को लेकर जरूरी दिशा – निर्देशों से अवगत कराया। उधर, बतौर प्रशिक्षक शिक्षक संजय कुमार ने सबों को आयोग द्वारा जारी एसओपी की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर डीएसओ श्रीमती शालिनी खालको, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री जगरनाथ लोहरा, एसडीओ बेरमो श्री मुकेश मछुआ, डीपीआरओ श्री रवि कुमार, डीटीओ श्रीमती मारूति मिंज, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।






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