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उपायुक्त ने हरी झंडी दिखाकर किया जागरूकता रथ को रवाना

उपायुक्त ने हरी झंडी दिखाकर किया जागरूकता रथ को रवाना

दो चरणों में होगी जनगणना

पहले चरण में 01 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना तथा 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं गणना का होगा कार्य

जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना का कार्य आरंभ हो चुका है। यह कार्य 01 मई 2026 से 14 मई 2026 तक किया जाना है। इस कार्य हेतु आमजनों की सहभागिता आवश्यक है। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर से एक जागरूकता रथ को उपायुक्त बोकारो श्री अजय नाथ झा के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह जागरूकता रथ जिले के सभी प्रखंडों में भ्रमण कर लोगों को जनगणना के उद्देश्य एवं स्व-गणना हेतु जन सहभागिता सुनिश्चित करने का कार्य करेगा। इसके भ्रमण की निगरानी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के साथ-साथ प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे।

जिला में जनगणना 2027-तैयारियाँ

▪️जिला में जनगणना कार्य के सम्पादन हेतु लगभग 4823 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।

▪️उपायुक्त, नगर निगम आयुक्त, जिला स्तर के अधिकारियों, प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों एवं क्षेत्र प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है।

▪️पुरे जिला में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का 99 प्रशिक्षण बैच तैयार कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

विदित हो की स्व-गणना (SE) अंतर्गत-

▪️स्व-गणना (SE) के तहत नागरिक आधिकारिक पोर्टल http//se.census.gov.in पर स्वयं अपने परिवार एवं आवास से जुड़े 33 प्रश्नों के उत्तर दर्ज कर सकेंगे।

▪️SE पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा।

▪️स्व-गणना ऐक्छिक है, अनिवार्य नहीं।

▪️उत्तरदाता अपना मोबाईल नंबर और दूसरी जानकारी भरकर SE पोर्टल में लाॅग-इन करेगा।

▪️उत्तरदाता द्वारा सभ् प्रश्नों को भरकर सबमिट करने पर एक SE-Id Genrate होगा जो उतरदाता के पंजीकृत -मोबाइल नंबर पर प्राप्त होगी। प्रगणक के फील्ड विजिट के समय SE-ID को उनसे साझा करनी होगी।

▪️स्व-गणना के आंकड़ों की पुष्टि करने के बाद, प्रगणक इसे मूल डेटाबेस में शामिल कर लेगा।

▪️यदि किसी ने स्व-गणना नहीं किया है, तो चिंता की कोई बात नहीं। प्रगणक, 16 मई से 14 जून, 2026 तक की अवधि में उनके घर पहुंचकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे।

जनगणना 2027-डेटा सुरक्षा

तकनिकी सुरक्षा

▪️एंड-टू-एंड डेटा सुरक्षा-मोबाईल पर डेटा ट्रांसमिशन के दौरान और सर्वर स्तर पर।

सुरक्षित डेटा सुरक्षा तंत्र।

▪️प्रतिष्ठित एजेंसियों द्वारा सुरक्षा आॅडिट।

▪️डेटा केंद्रों को Critical Information Infrastructure (Cll) घोषित किया गया।

▪️डेटा केंद्र ISO/IEC 27001:2022 प्रमाणित।

विधिक सुरक्षा

▪️जनगणना अधिनियम-1948 तथा नियम-1990 के प्रावधानों के अंतर्गत जनगणना में संकलित समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय।

▪️दी गई जानकारी को किसी से भी साझा नहीं किया जाता है।

▪️इसका उपयोग किसी भी प्रकार के साक्ष्य के रूप में नहीं किा जा सकता है।

▪️टैक्स, पुलिस या अन्य जांच में इस जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकता है।

▪️केवल देश एवं प्रदेश के विकास के लिए ही सांख्यिकीय आंकड़ों का उपयोग।

जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाने के क्रम में मौके पर उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार जनगणना कार्य के वरीय नोडल पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री आशोक खालको, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।

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