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40 प्रतिशत लाभ के झांसे में फंसे सैकड़ों ग्राहक, गिरिडीह के में स्वामी संगठन कार्यालय के बंद होने पर लोगों का फूटा गुस्सा।

गिरिडीह के पचंबा थाना क्षेत्र के बलखंजो स्थित राधा स्वामी संगठन की कथित "60-40 योजना" में निवेश करने वाले सैकड़ों लोग इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ग्राहकों का आरोप है कि संगठन ने 40 प्रतिशत लाभ तथा वाहन की मासिक किस्त स्वयं जमा करने का भरोसा देकर लोगों से बड़ी राशि जमा कराई, लेकिन पिछले कई महीनों से किस्तों का भुगतान बंद कर दिया गया है। इसके कारण फाइनेंस कंपनियों का दबाव सीधे ग्राहकों पर बढ़ गया है।सोमवार को गिरिडीह, बगोदर, डुमरी, सरिया, बेंगाबाद समेत विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रभावित लोग अपनी शिकायत लेकर बलखंजो स्थित संगठन के कार्यालय पहुंचे। वंही मौके पर कार्यालय बंद मिलने पर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। कई लोग घंटों तक कार्यालय के बाहर जमा रहे और संगठन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पीड़ितों ने बताया कि संगठन ने लोगों से मोटी रकम जमा कराकर दोपहिया वाहन उपलब्ध कराया था। इसके बदले यह आश्वासन दिया गया था कि वाहन की मासिक ईएमआई संगठन की ओर से जमा की जाएगी। बताया गया कि शुरुआती कुछ महीनों तक किस्तों का भुगतान किया भी गया, लेकिन बाद में यह पूरी तरह बंद हो गया परिणामस्वरूप कई ग्राहकों की छह से पंद्रह महीने तक की किस्तें बकाया हो गई हैं और फाइनेंस कंपनियां अब सीधे उनसे वसूली कर रही हैं । इस मौके पर बगोदर प्रखंड के पोखरिया गांव की रेखा देवी ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर संगठन में पैसा जमा किया था और बाइक खरीदी थी। कुछ महीनों तक किस्त जमा होने के बाद भुगतान बंद हो गया। अब फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधि लगातार घर पहुंचकर किस्त जमा करने का दबाव बना रहे हैं। अपनी परेशानी बताते हुए वह भावुक हो गईं वहीं डुमरी निवासी सत्यनारायण कुमार ने बताया कि उन्होंने बेटी की शिक्षा के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये संगठन में निवेश किए थे। उन्हें हर महीने चार हजार रुपये की शैक्षणिक सहायता मिलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक एक भी भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इससे बेटी की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है ऐसे ही कई अन्य ग्राहकों ने आरोप लगाया कि संगठन के एजेंट और पदाधिकारी लगातार भुगतान जल्द शुरू होने का आश्वासन देते रहे, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अब संगठन से जुड़े जिम्मेदार लोगों से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है मामले में संगठन का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संबंधित लोगों के मोबाइल फोन बंद मिले। संगठन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है इधर, लगातार बढ़ती शिकायतों और कार्यालय बंद मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रभावित ग्राहकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, जमा राशि वापस दिलाने तथा बकाया किस्तों की समस्या का समाधान कराने की मांग की है फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में पीड़ित लोगों की निगाहें प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं और प्रभावित लोगों को कब तक राहत मिल पाती है।

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