■ *उप विकास आयुक्त ने ग्रामीणों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं कचरा प्रबंधन के प्रति किया जागरूक।*
■ *स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण पर दिया गया विशेष बल।*
ग्राम पंचायत बंका घाट पंचायत सचिवालय में "ठोस कचरा प्रबंधन हेतु जागरूकता संगोष्ठी" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, गोड्डा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।उप विकास आयुक्त, गोड्डा श्री विस्पुते श्री कांत यशवंत के द्वारा उपस्थित ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा पंचायत स्तरीय कर्मियों को ठोस कचरा प्रबंधन के महत्व एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।*
*उप विकास आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि बढ़ती जनसंख्या एवं उपभोग की प्रवृत्ति के कारण प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न हो रहा है। यदि इसका समुचित प्रबंधन नहीं किया जाए तो यह पर्यावरण प्रदूषण, जल स्रोतों के दूषित होने, विभिन्न संक्रामक बीमारियों के फैलाव तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।*
*उन्होंने ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले कचरे को गीले एवं सूखे कचरे के रूप में अलग-अलग संग्रहित करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि जैविक अथवा गीले कचरे से खाद तैयार की जा सकती है, जबकि प्लास्टिक, कागज, धातु एवं अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग कर पुनः उपयोग की प्रक्रिया में लाया जा सकता है। इससे न केवल कचरे की मात्रा में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।*
*संगोष्ठी में यह भी बताया गया कि गांवों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, नालियों एवं जल स्रोतों के आसपास कचरा नहीं फेंकना चाहिए। साथ ही प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए इसके उपयोग को न्यूनतम करने तथा वैकल्पिक पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया गया।*
*उप विकास आयुक्त ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह जनभागीदारी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है। जब तक आमजन स्वयं जागरूक होकर कचरे के उचित प्रबंधन की आदत नहीं अपनाएंगे, तब तक स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव नहीं हो सकेगा।*
*कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता संबंधी व्यवहार परिवर्तन, कचरा पृथक्करण, खाद निर्माण तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीणों से अपने-अपने घरों एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा ठोस कचरा प्रबंधन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की गई।*
*कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल ग्राम पंचायत के निर्माण हेतु सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करना था।*
*संगोष्ठी में प्रखंड विकास पदाधिकारी, गोड्डा श्री दयानंद जयसवाल सहित पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण नागरिक, स्वयं सहायता समूह की सदस्य, पंचायत सचिवालय के कर्मी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।


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