तीन आदिवासी युवकों की हत्या के विरोध में अनुमंडल कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन, एसआईटी जांच की मांग
पांच दिन के आरोपियों को गिरफ्तारी नही हुआ तो जिला मुख्यालय को घेराव किया जायेगा।
तेनुघाट -- जगेश्वर मांझी परगना संथाल समाज के बैनर तले सोमवार को तेनुघाट अनुमंडल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक बबलू सोरेन, बाबूराम मुर्मू एवं दीपक सोरेन की हत्या की निष्पक्ष जांच, एसआईटी गठन तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के माध्यम से झारखंड के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि 4 जून को ग्राम टिकाहरा, मड़वाडीह के तीन आदिवासी युवकों की कथित रूप से सुनियोजित तरीके से हत्या कर उनके शव राधागांव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिए गए थे। उनका आरोप है कि ऐसा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से किया गया।
संघ के दिनेश कुमार मुर्मू ने कहा कि घटना को लगभग डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने राज्य सरकार को पांच दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आदिवासी संथाल समाज उग्र आंदोलन करेगा और जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक का घेराव किया जाएगा।
आगे अमित सोरेन ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान समाज की ओर से पीड़ित परिवारों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा, प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, एसआईटी से जांच, पांच दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग उठाई गई।
पारंपरिक हथियारों के साथ बड़ी संख्या में समाज के लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्या सुनीता टुड्डू, सुरेश मुर्मू, भुनेश्वर केवट, आर डी मांझी, सोहराय किस्कू, बाबूलाल मरांडी, जीवन किस्कू , सुन्दर लाल हांसदा, विनय मुर्मू, विनोद टुडू, कोलेश्वर हांसदा सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे।





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