
रांची/गिरिडीह: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई ) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात कर राज्य के औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान एफजेसीसीआई के कोयलांचल क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह सलूजा ने गिरिडीह एवं कोयलांचल क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पांच महत्वपूर्ण मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गिरिडीह की ट्रैफिक समस्या के स्थायी समाधान की मांग प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गिरिडीह शहर में लगातार बढ़ती यातायात समस्या, सड़कों पर अतिक्रमण और सुव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के अभाव से आम जनता, व्यापारियों और बाहर से आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे शहर के विकास और व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग मुख्यमंत्री से की गई औद्योगिक इकाइयों के लिए बाईपास सड़क निर्माण आवश्यक एफजेसीसीआई ने बताया कि गिरिडीह की कई औद्योगिक इकाइयों का कच्चा माल न्यू गिरिडीह रेलवे साइडिंग से ट्रकों के माध्यम से लाया जाता है। लेकिन दिन में नो-एंट्री लागू रहने के कारण माल की ढुलाई केवल रात में हो पाती है, जिससे उद्योगों को रेलवे का डेमरेज और वैगन शुल्क देना पड़ता है तथा उत्पादन लागत बढ़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए बाईपास सड़क निर्माण को जरूरी बताया गया भलपहाड़ी बांध परियोजना को शीघ्र पूरा करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के लिए जल उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। इस संबंध में वर्षों से लंबित भलपहाड़ी (बालपहाड़ी) बांध परियोजना को शीघ्र पूरा कराने की मांग की गई। बताया गया कि इस परियोजना से पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक जलापूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान होगा। साथ ही केंद्र एवं पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर परियोजना को आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया।गिरिडीह से कोलकाता और पटना के लिए ट्रेन सेवा बहाल करने का आग्रहएफजेसीसीआई ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर भी आकर्षित कराया कि कोरोना काल के दौरान बंद हुई गिरिडीह-कोलकाता एवं गिरिडीह-पटना ट्रेन सेवाएं आज तक बहाल नहीं हो सकी हैं। इससे व्यापारियों, उद्योगों, मरीजों और आम यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार से पहल कर इन ट्रेनों का परिचालन पुनः शुरू कराने का अनुरोध किया पारसनाथ मधुबन न्यू गिरिडीह रेल परियोजना में राज्य सरकार से सहयोग की मांग प्रतिनिधिमंडल ने पारसनाथ से मधुबन होते हुए न्यू गिरिडीह तक प्रस्तावित रेल परियोजना को भी जल्द पूरा कराने की मांग उठाई। बताया गया कि केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए राशि आवंटित कर चुकी है, लेकिन राज्य सरकार की हिस्सेदारी एवं भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से कार्य लंबित है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह परियोजना पूरी होने से संथालपरगना, गिरिडीह और बोकारो क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी तथा रांची की दूरी भी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे आम लोगों का समय और धन दोनों की बचत होगी बैठक में एफजेसीसीआई के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से इन सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक विकास के लिए सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।


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