पेटरवार: बोकारो जिला के पेटरवार थाना क्षेत्र अंतर्गत चलकरी स्थित सोनाडीह के पास दामोदर नदी इन दिनों कथित रूप से अवैध कोयला कारोबारियों का अड्डा बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिनदहाड़े पोपलेन मशीनों से नदी का सीना चीरकर बड़े पैमाने पर कोयले की अवैध निकासी की जा रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह पूरा खेल खुलेआम चलने के बावजूद प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन में लगभग छह पोपलेन मशीनें लगातार लगी हुई हैं। नदी में जमा पानी हटाने के लिए उच्च क्षमता के पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि मशीनें नदी के भीतर तक पहुंचकर कोयला निकाल सकें। इसके बाद प्रतिदिन लगभग 8 से 10 ट्रक यानी कि, 16 चक्का,में कोयला लादकर दूसरे राज्यों तक भेजे जाने का दावा किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही हैं, तो यह केवल अवैध खनन का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक निगरानी और कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी मशीनों से लगातार हो रही खुदाई के कारण दामोदर नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी लोगों को खटक रही है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि प्रतिदिन दर्जनों ट्रक कोयला लेकर निकल रहे हैं और कई पोपलेन मशीनें लगातार काम कर रही हैं, तो क्या यह सब संबंधित अधिकारियों की नजर से ओझल है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? क्षेत्र में चर्चा है कि इस कथित अवैध कारोबार से सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि अवैध कारोबारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस से तत्काल संयुक्त छापेमारी कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ओर अवैध खनन में प्रयुक्त मशीनों और वाहनों को जब्त करने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस कथित अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर दामोदर नदी का सीना इसी तरह मशीनों से छलनी होता रहेगा।






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