Translate

गांव का पानी गांव में रहे इसके लिए सभी अपने अपने घरों में सोखपीट जरूर बनाएं- उपायुक्त, बोकारो

गांव का पानी गांव में रहे इसके लिए सभी अपने अपने घरों में सोखपीट जरूर बनाएं- उपायुक्त, बोकारो...

=============================

विश्व जल दिवस 2026 पर चास में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, जल संरक्षण पर दिया गया जोर....

=============================

जल ही जीवन का आधार है और इसकी एक-एक बूंद का संरक्षण आवश्यक है- उपायुक्त, बोकारो...

=============================

दैनिक जीवन में जल का दुरुपयोग न करें और जल बचाने के लिए छोटे-छोटे प्रयासों को अपनाएं- उपायुक्त, बोकारो....

=============================

वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें - डीडीसी, बोकारो....

=============================

आज दिनांक 23 मार्च, 2026 को विश्व जल दिवस 2026 के उपलक्ष्य में जिले के चास प्रखंड अंतर्गत हैंसाबातु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के प्रांगण में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त श्री अजय नाथ झा एवं उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद जल सहिया द्धारा स्वागत गान के रूप में जल वंदना किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति आमजनों में जागरूकता बढ़ाना तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना था। इस दौरान जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल के समुचित उपयोग एवं जल प्रदूषण रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसकी एक-एक बूंद का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दैनिक जीवन में जल का दुरुपयोग न करें और जल बचाने के लिए छोटे-छोटे प्रयासों को अपनाएं। इस अवसर पर उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त द्वारा हैंसाबातु जलापूर्ति योजना के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण भी किया गया, जहां उपस्थित लोगों को जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पानी को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जाता है।

मौके पर उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो तेनुघाट श्री मुकेश मछुआ, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री जगरनाथ लोहरा, कार्यपालक अभियंता पेयजल स्वच्छता मिशन चास श्री रामप्रवेश राम एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी चास श्री प्रदीप कुमार सहित स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया।

गांव का पानी गांव में रहे इसके लिए सभी अपने अपने घरों में सोखपीट जरूर बनाएं-

उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने कहा कि पानी के सभी स्रोतों को बचाएं तथा गांव का पानी गांव में रहे इसके लिए सभी लोगों को अपने अपने घरों में सोखपीट बनाना चाहिए जिससे घर का पानी घर में रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जो पानी नल के माध्यम से सभी घरों में जा रहा है तथा उपयोग कर वह पानी सभी के घरों से निकलती है उस पानी को जल संचय कर इसका प्रयोग करें। 

वर्षा जल संचयन को अपनाकर जल संकट से निपटने में सहयोग करें-

उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व जल दिवस केवल एक दिवस मनाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को समझने का अवसर है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और बदलते पर्यावरणीय हालात के बीच जल संसाधनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी जलापूर्ति योजनाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें और वर्षा जल संचयन को अपनाकर जल संकट से निपटने में सहयोग करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण एक सामूहिक प्रयास है और इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। यदि हम अभी से जागरूक नहीं हुए, तो आने वाले समय में जल संकट और गंभीर हो सकता है। इसलिए सभी को मिलकर जल बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।

वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें -

उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है और इसे जन आंदोलन का रूप देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं का लाभ तभी सफल होगा, जब आमजन भी इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही जल की बर्बादी रोकने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि भूजल स्तर को बनाए रखा जा सके। उन्होंने सभी से अपील की कि जल के प्रति जिम्मेदार बनें और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखने का संकल्प लें।

अपने अपने अनुभव शेयर किया गया-

कार्यशाला में माराफारी पंचायत के जलसहिया श्रीमती पूनम देवी एवं घोड़ावाली दक्षिणी पंचायत के जलसहिया श्रीमती सीटू देवी द्वारा इस जलापूर्ति योजना के संचालन एवं रखरखाव से संबंधित अपने-अपने अनुभव को बारी-बारी से शेयर किया गया। साथ ही इसी क्रम में राष्ट्रपति से सम्मानित मुखिया जी सॉन्ग दक्षिणी पंचायत के श्रीमती रीना सिंह द्वारा भी स्वच्छ भारत मिशन एवं जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों एवं अनुभवों को भी साझा किया गया। 

शाल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया-

जल जीवन मिशन के अंतर्गत इस जिले में हो रहे कार्यों में अच्छे कार्य करने वाले पदाधिकारी को भी स्वागत किया गया। इनमें से इस प्रकार हैं एसडीएम तेनुघाट, कार्यपालक अभियंता चास रामप्रवेश राम, सहायक अभियंता शास्त्री जी तेनुघाट, यूनिसेफ सहयोगी wash टीम के जिला समन्वयक घनश्याम साह, अमित कुमार, अनुरोध कुमार अग्रवाल, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक श्री गोस्वामी जी, जल जीवन मिशन के जिला समन्वयक मोहन कुमार एवं सॉन्ग दक्षिणी के मुखिया जी रीना देवी, ग्रामीण जिलापूर्ति योजना के स्ट्रक्चर खड़ा करने वाले एजेंसी के डायरेक्टर चंदन सिंह को शाल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

शपथ व पौधारोपण -

उपायुक्त श्री अजय नाथ झा द्वारा उपस्थित सभी लोगों को जल शपथ दिलाया गया, जिसके अंतर्गत जल बचाने जल को संरक्षण करने जल के बर्बादी को रोकने पर बात कही गई। साथ ही सभी से यह संकल्प लेने का आह्वान किया गया कि वे जल बचाने एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसके बाद प्लांट परिसर में उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त द्वारा पौधा रोपण भी किया गया।  

कार्यशाला में पेयजल स्वच्छता विभाग चास/तेनुघाट के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, block vas coordinator, sabhi district coordinator मौजूद थे। साथ ही साथ यूनिसेफ सहयोगी आईडीएफ वास टीम के जिला समन्वयक घनश्याम साह एवं उनके सभी सदस्य उपस्थित रहे थे।


Post a Comment

0 Comments