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मातृभाषा को मिला गौरव: सीबीएसई के त्रिभाषा सूत्र में दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य - प्रधानाचार्य ने बताया युगांतरकारी कदम

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा, गिरिडीह के प्रधानाचार्य, श्री आनंद कमल ने सीबीएसई द्वारा सेकेंडरी शिक्षा में त्रिभाषा सूत्र के अंतर्गत दो भारतीय भाषाओं के अनिवार्य अध्ययन के ऐतिहासिक निर्णय का हार्दिक अभिनंदन किया है।

उन्होंने उद्घोष किया कि त्रिभाषा सूत्र केवल नीति नहीं, अपितु भारत की आत्मा, अस्मिता एवं अखंडता का जीवंत प्रतीक है। यह दूरदर्शी निर्णय भैया-बहनों के व्यक्तित्व में उत्कृष्ट संवाद कौशल, मातृभाषा एवं भारतीय संस्कृति के प्रति अटूट निष्ठा, प्रखर मानसिक विकास तथा बहुआयामी प्रतिभा का बीजारोपण करेगा।

यह निर्णय 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना को साकार करते हुए राष्ट्रीय एकता , सामाजिक समरसता को अक्षुण्ण, वैश्विक दृष्टि को व्यापक एवं भैया - बहनों के उज्ज्वल भविष्य के स्वर्णिम द्वार को उन्मुक्त करने वाला सिद्ध होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए मातृभाषा एवं भारतीय भाषाओं को सिंहासन पर आरूढ़ करना केवल शैक्षणिक सुधार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कारों, जीवन-मूल्यों एवं सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जागृत करने वाला युग-परिवर्तनकारी महायज्ञ है।

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