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भाकपा माले का जिला सम्मेलन 28 और 29 जून को,तैयारी का जायजा लेने मधुबन पहुंचे माले नेता राजेश सिन्हा।

 
ज्ञात हो माले के जिला सम्मेलन में 28 जून को खुला सत्र है,रैली है,प्रदर्शन है,जिसमें लगभग पांच हजार समर्थक केडर, शुभचिंतक, नेतागण,क्रांतिकारी विचार वाले साथी, सामाजिक संस्था शीर्ष के नेता आदि के साथ माले के शीर्ष नेता उपस्थित रहेंगे।

मुख्य रूप से माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आरा के सांसद सुदामा प्रसाद,निरसा विधायक अरूप चटर्जी,सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, पूर्व विधायक विनोद सिंह,राज्य सचिव मनोज भक्त,राज्य कमिटी के सदस्य,जिला कमिटी के सदस्य,सभी नेतृत्वकारी नेता गण,सभी प्रखंड,मुफ्फसिल और शहरी क्षेत्र के नेतागण,समर्थक,केडर उपस्थित रहेंगे,महिला,युवा,छात्र की संख्या हजारों में होगी।

इस दौरान बताया गया कि जिला सम्मेलन के लिए मधुबन इसलिए चुना गया क्योंकि पीरटांड़ प्रखंड,गिरिडीह विधानसभा को भी बेहतर करने का लक्ष्य है,लाल झंडा का संगठन से ही क्षेत्र का विकास होना तय है।

वंही इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जिला सचिव अशोक पासवान,किसान नेता पूरन महतो,माले नेता राजेश सिन्हा,असंगठित मजदूर मोर्चा के नेता कन्हाई पांडेय,अजीत राय, सोहन महतो,मनोज महतो,हराधन तुरी,योगेश्वर महतो,सूरज तुरी,बसंत कर्मकार,नागेश्वर महतो,भीम कोल, अरबिंद टुडू आदि जोर शोर से क्षेत्र की सजावट में लगे है। इस मौके पर बताया गया कि सभा स्थल मध्यलोक,बिसपंथी के सामने मध्यलोक भवन,रैली के सभा का स्थान थाना मोड मेला मैदान है,ठहरने के लिए भोमिया भवन के अलावे गेस्ट जो जायेंगे उनके लिए गेस्ट हाउस उपलब्ध करवाया गया है।

28 शाम को जनता जो आयेगी वह लौट जाएगी जबकि 28 को शाम में प्रतिनिधियों का बैठक,सभा, जानकारी, विचार का आदान प्रदान होगा,वही 29 जून को संगठन विस्तार,अपने अपने क्षेत्र के कार्य,नए जिला कमिटी का चयन होना तय है।

ज्ञात हो इस मुहिम में एक महीने से तैयारी चल रही है,गिरिडीह विधानसभा में चार बार लाल झंडा के विधायक रहे है,फिर से उसी सिलसिला को बरकार रखने के लिए विधानसभा के नेतागण और कार्यकर्ता जी तोड़ मेहनत कर रहे है,। बताया गया कि बगोदर,राजधनवार,जमुआ के तर्ज पर गिरिडीह विधानसभा और गांडेय विधानसभा को बहुत आगे बढ़ाना है। इसके साथ ही राज्य सरकार के सभी क्षेत्रों में काम काज, भाजपा का कार्य और झूठे वादे पर चर्चा होगी,वादा खिलाफी के विरोध में जमकर विरोध होगा,फासीवादी ताकतों को पीछे धकेलने का काम लाल झंडा का केडर और से समर्थक करेंगे।

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