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गिरिडीह के कबीर ज्ञान मंदिर में महायज्ञ 28 और 29 जून को आयोजित होगा भव्य आयोजन।

 

श्री कबीर ज्ञान मंदिर में 'कबीर ज्ञान महायज्ञ' की तैयारियाँ जोरों पर है। इस अवसर पर सद्गुरु कबीर साहब की 628वीं जयंती पर 28 और 29 जून को दो दिवसीय आध्यात्मिक समागम होगा। इस महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य सद्‌गुरु कबीर साहब के दुर्लभ आध्यात्मिक ज्ञान-विज्ञान, मानव कल्याण तथा समरस समाज के निर्माण के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाना है। इस पावन समागम में गिरिडीह, झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा देश के अन्य कई प्रांतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण आश्रम पहुँच रहे हैं।

इस बाबत बताया गया कि 

महायज्ञ के पहले दिन, 28 जून (रविवार) को प्रातः 7:00 बजे एक भव्य 'धर्म जागरण शोभा यात्रा' निकाली जाएगी। यह यात्रा आकर्षक झांकियों, प्रेरक नारों और कबीर साहब के जयघोष के साथ नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करेगी। इसके पश्चात दिनभर कबीर भजनों की अमृत वर्षा और विद्वान संतों के सारगर्भित प्रवचन होंगे। संध्याकाल में परम वंदनीय सद्‌गुरु माँ का दिव्य उपदेश होगा, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत 'मन से संघर्ष' नामक एक अत्यंत मनोहारी नाटक का मंचन किया जाएगा।

बीजक पाठ, महाहवन और सांस्कृतिक नाटकों की प्रस्तुति

महायज्ञ के दूसरे दिन, 29 जून (सोमवार) को प्रातः 8:00 बजे से कबीर साहब की मूल कृति 'बीजक' का सामूहिक पाठ एवं विश्व शांति महाहवन आयोजित होगा। इसके बाद सद्‌गुरु माँ का दिव्य उद्बोधन, लोक प्राकट्य महोत्सव, दीक्षा एवं मुंडन संस्कार जैसे मांगलिक कार्य संपन्न होंगे। संध्या सत्र में संतों-भक्तों के उद्गार, भजन-कीर्तन और बाल कलाकारों द्वारा भाव-नृत्य की प्रस्तुतियाँ होंगी। शाम 6:00 बजे सद्‌गुरु माँ के विशेष आशीर्वचन के बाद प्रसिद्ध ऐतिहासिक प्रसंग 'संत कबीर और संत हरिदास जी' पर आधारित एक प्रभावशाली नाटक का जीवंत मंचन किया जाएगा। इस दौरान 

सद्गुरु माँ द्वारा प्रणीत तीन ग्रंथों का होगा लोकार्पण

इस वर्ष का आयोजन साहित्यिक दृष्टि से भी ऐतिहासिक होने जा रहा है। महायज्ञ के दौरान परम वंदनीय सद्गुरु माँ ज्ञान द्वारा रचित दो नवीन पुस्तकों— 'संत कबीरः भक्त या भगवान' एवं 'कबीर रमैनी में सत्य का शंखनाद' के साथ-साथ उनके द्वारा लिखित 'बीजक टीका' का भी गरिमामयी विमोचन किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर आश्रम प्रबंधन ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी भाई-बहनों से इस आध्यात्मिक महायज्ञ में सम्मिलित होकर पुण्य का भागी बनने की अपील की है।

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