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गिरिडीह की बेटी कुमारी श्रद्धा ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में पाई सफलता, सप्लाई इंस्पेक्टर पद पर हुआ चयन।

 

गिरिडीह की होनहार छात्रा कुमारी श्रद्धा ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर सप्लाई इंस्पेक्टर (Supply Inspector) पद पर चयनित होकर जिले एवं परिवार का नाम गौरवान्वित किया है। यहां बताते चलें कि 

कुमारी श्रद्धा, श्रीमती संगीता देवी एवं श्री प्रदीप कुमार की पुत्री हैं। उनके पिता श्री प्रदीप कुमार माहुरी वैश्य महामंडल, गिरिडीह के केन्द्रीय संगठन मंत्री हैं। परिवार गिरिडीह जिले के गांडेय के मूल निवासी है,जबकि वर्तमान में वे नगीना सिंह रोड, वार्ड संख्या-16, माँ तारा मंदिर के सामने वाली गली, गिरिडीह में रहते हैं। इसे लेकर उनके पिता ने बताया कि

श्रद्धा शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने कार्मेल स्कूल से दसवीं की परीक्षा में 89 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद डीएवी पब्लिक स्कूल, सीसीएल गिरिडीह से विज्ञान संकाय में इंटरमीडिएट की परीक्षा 94.4 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित Miranda House से गणित ऑनर्स (Mathematics Honours) की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने बताया की कुमारी श्रद्धा ने

70वीं बीपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचय दिया। इस परीक्षा का प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) 13 दिसंबर 2024 को आयोजित हुई थी। इसके बाद अप्रैल 2025 में मुख्य परीक्षा (Mains) तथा जनवरी 2026 में साक्षात्कार (Interview) संपन्न हुआ। आयोग द्वारा घोषित अंतिम परिणाम में श्रद्धा का चयन सप्लाई इंस्पेक्टर पद के लिए हुआ है। वंही 

श्रद्धा की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा शहरवासियों में खुशी का माहौल है। वंही इस सफलता को लेकर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संगठनों के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

इस अवसर पर श्रद्धा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं परिवार के सदस्यों को देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने युवाओं से धैर्य और लगन के साथ अपनी तैयारी जारी रखने का आह्वान किया। बहरहाल 

कुमारी श्रद्धा की यह उपलब्धि गिरिडीह की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है और यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प एवं कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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