


शनिवार को गिरिडीह पुलिस अधीक्षक, डॉ बिमल कुमार की अध्यक्षता में कार्यालय अवस्थित सभागार में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले की समग्र कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों की समीक्षा, तकनीकी अनुसंधान की प्रगति और आगामी श्रावणी मेला-2026 के सफल एवं सुरक्षित संचालन हेतु सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। इस
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, अंचल पुलिस निरीक्षक एवं थाना/ओ०पी० प्रभारियों को निम्नलिखित मुख्य निर्देश दिए गए जिनमें
*श्रावणी मेला हेतु विशेष तैयारी* के मद्देनजर कांवरियों के मार्ग में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, प्रमुख शिवालयों में भीड़ प्रबंधन (Crowd Management), सादे लिबास में पुलिस बलों की तैनाती और रूट डायवर्जन को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही
सभी लंबित मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणात्मक अनुसंधान सुनिश्चित करते हुए निष्पादन करने का कड़ा निर्देश दिया गया। इसके अलावा महिला संबंधी अपराधों के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और दर्ज कांडों की संवेदनशीलता व त्वरित गति से समीक्षा कर अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया। और
माननीय न्यायालय से प्राप्त वारंट/कुर्की का ससमय शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने, तथा लंबित पासपोर्ट एवं चरित्र सत्यापन (Character Verification) के कार्यों को बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की बात कही गई। इसके साथ ही
जिले में रात्रि गश्ती (Night Patrolling) को और प्रभावी बनाने तथा पेशेवर अपराधियों, वारंटियों एवं असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया तथा
आम जनता से प्राप्त शिकायतों और विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का त्वरित व निष्पक्ष निष्पादन करने पर जोर दिया गया।आम नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार करने और 'पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग' को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया। वंही बताया गया कि
गिरिडीह पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था संधारण और न्याय प्रक्रिया को सुगम, सरल एवं तेज बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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